*लम्भुआ नगर पंचायत में आवारा पशुओं का आतंक, अब कुत्तों और बंदरों की भी 'सुनामी'*
*गोवंश से हादसे, कुत्तों-बंदरों से दहशत; केटल कैचर जंग खा रहा, नगर पंचायत पर लापरवाही के आरोप*
लम्भुआ, सुलतानपुर। लम्भुआ नगर पंचायत क्षेत्र में आवारा गोवंश, कुत्तों और बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। नगर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और गलियों में घूम रहे आवारा पशु आम नागरिकों के लिए जान का खतरा बन गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगभग हर महीने किसी न किसी व्यक्ति की आवारा गोवंश से टक्कर या दुर्घटना में हाथ-पैर तक टूट रहे हैं, लेकिन नगर पंचायत प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।
नगरवासियों का कहना है कि गोवंश के आतंक के बाद अब आवारा कुत्तों और बंदरों की संख्या भी तेजी से बढ़ गई है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर कुत्तों के झुंड राहगीरों पर हमला करने की कोशिश करते हैं, जबकि बंदर घरों और दुकानों में घुसकर लोगों को परेशान कर रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर पंचायत के पास मौजूद केटल कैचर वाहन लंबे समय से बेकार खड़ा-खड़ा जंग खा रहा है। आरोप है कि न तो अधिशासी अधिकारी इस वाहन का उपयोग करा रहे हैं और न ही नगर पंचायत अध्यक्ष इस दिशा में कोई पहल कर रहे हैं।
नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवारा गोवंश, कुत्तों और बंदरों को पकड़ने तथा उनके स्थायी प्रबंधन की व्यवस्था नहीं की गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर नगर पंचायत की जवाबदेही तय करने और अभियान चलाने की मांग की है.