जौनपुर, उत्तर प्रदेश
तीखी आवाज़ 24 निर्भीक · निष्पक्ष · निरंतर हिंदी समाचार · पूर्वांचल
ब्रेकिंग
प्रतापगढ़:ब्राह्मण परिवार पर मुकदमे के विरोध में अधिवक्ताओं का आक्रोश* बोधी पट्टी में विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप प्रतापगढ़: आसपुर देवसरा पुलिस ने दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी को दबोचा* प्रतापगढ़ : स्वच्छता कर्मियों के स्वास्थ्य को लेकर नगर पंचायत ढकवा में लगा स्वास्थ्य शिविर* सेवानिवृत्त शिक्षक का निधन प्रतापगढ़: पात्र होने के बावजूद आवास से वंचित पीड़ितों की उठी आवाज*
प्रतापगढ़

प्रतापगढ़:ब्राह्मण परिवार पर मुकदमे के विरोध में अधिवक्ताओं का आक्रोश*

*तहसील व रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी, डीएम-एसपी के आने तक हड़ताल की चेतावनी*

ब्राह्मण परिवार पर मुकदमे के विरोध में अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन

प्रतापगढ़ पट्टी। कोतवाली परिसर में युवक अर्जुन की संदिग्ध मौत के मामले में ब्राह्मण परिवार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में बुधवार को पट्टी तहसील के अधिवक्ताओं में आक्रोश दिखाई दिया। अधिवक्ताओं ने तहसील एवं रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के आने तक अनवरत हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी। बार एसोसिएशन पट्टी के अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी की अध्यक्षता में बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे बार भवन में अधिवक्ताओं की बैठक हुई। बैठक में कोतवाली परिसर में हुई युवक की मौत को गंभीर और दुखद घटना बताते हुए मामले में दर्ज मुकदमे को लेकर विरोध जताया गया। सर्वसम्मति से तहसील परिसर में तालाबंदी करने के साथ रजिस्ट्री कार्यालय भी बंद कराने का निर्णय लिया गया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने तहसील गेट से रजिस्ट्री कार्यालय तक विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे, जिससे तहसील परिसर में गहमागहमी का माहौल बना रहा। बार अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि कोतवाली परिसर में हुई युवक की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को मामले में दर्ज क्रास मुकदमे को लेकर आपत्ति है और पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को मामले में सभी पक्षों को सुनते हुए निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने मामले की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराए जाने की मांग की और कहा कि केवल मजिस्ट्रेटियल जांच पर अधिवक्ताओं को भरोसा नहीं है। उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव कानूनी मदद उपलब्ध कराने की बात कही। साथ ही चेतावनी दी कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के आने तक अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी रहेगा प्रदर्शन में अधिवक्ता दिलीप मिश्रा, रवी सिंह, नंदन चतुर्वेदी, अंबरीश तिवारी, अंजनी शुक्ल, शुभम सांडिल्य, रजनीश पाण्डेय, अनुराग त्रिपाठी, प्रदीप पाठक, संसार सिंह, अनुज मिश्र समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।