प्रतापगढ़ पट्टी कोतवाली के शौचालय में 22 वर्षीय युवक की मौत से मचा हड़कंप*
आईजी रेंज प्रयागराज सहित । उच्चाधिकारियों ने घटनास्थल का किया निरीक्षण थाना प्रभारी और विवेचन निलंबित*
प्रतापगढ़। पट्टी कोतवाली परिसर में सोमवार सुबह करीब 11 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब 22 वर्षीय अर्जुन प्रसाद निवासी मोलनापुर का शव कोतवाली के शौचालय में फंदे पर लटका मिला। पुलिस के अनुसार अर्जुन नाबालिग लड़की के अपहरण से जुड़े मुकदमे में पूछताछ के लिए कोतवाली पहुंचा था। पूछताछ के दौरान उसने शौचालय जाने की बात कही। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर पुलिसकर्मियों ने दरवाजा खोलकर देखा तो वह फंदे पर लटका मिला। उसे नीचे उतारकर अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर एसपी दीपक भूकर समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया पुलिस के मुताबिक, अर्जुन का क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की से प्रेम-प्रसंग बताया जा रहा था। लड़की के परिजनों की तहरीर पर 17 अगस्त को उसके खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया था। इसी मामले में आगे की कार्रवाई के दौरान अर्जुन भी पट्टी कोतवाली पहुंचा था। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार के अनुसार, पुलिस उससे मुकदमे के संबंध में पूछताछ कर रही थी। इसी दौरान उसने शौचालय जाने की बात कही और बाद में वह अंदर फंदे पर लटका मिला । दूसरी एफआईआर से परेशान होने की बात कह रही पुलिस पुलिस के अनुसार अर्जुन के खिलाफ जुलाई में भी एक मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद अगस्त में नाबालिग के अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस का कहना है कि लगातार मुकदमे दर्ज होने के कारण वह परेशान था और इसी को आत्मघाती कदम उठाने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। घटना को लेकर परिजनों ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अर्जुन की भाभी इंदु देवी का आरोप है कि पुलिस उसे दो दिन पहले घर से लेकर पट्टी कोतवाली आई थी। उनका कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में कोतवाली परिसर के शौचालय में युवक की मौत कैसे हुई, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिवार ने जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले में अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार के अनुसार, पट्टी थाना प्रभारी आनंद पाल सिंह और मुकदमे के विवेचक दरोगा ओंकार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। घटना की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं। एसपी तथा आईजी ने पट्टी कोतवाली पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक की मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मजिस्ट्रियल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। घटना के बाद कोतवाली की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसकर्मियों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।


