सुल्तानपुर: बंजर भूमि पर कब्जे के दावे को लेकर विवाद गहराया, प्रशासनिक जांच पर उठे सवाल*
गाटा संख्या 239 को लेकर श्यामलाल तिवारी ने उठाई आवाज, निष्पक्ष पैमाइश और दस्तावेजों की जांच की मांग*
सुल्तानपुर। जिले की लंभुआ विधानसभा क्षेत्र के प्रतापपुर कमैचा ब्लॉक अंतर्गत मानापुर गांव में गाटा संख्या 239 की बंजर भूमि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शिकायतकर्ता श्यामलाल तिवारी ने आरोप लगाया है कि गांव की सरोज देवी द्वारा उक्त भूमि पर पट्टा और मकान बनाकर निवास करने का दावा किया जा रहा है, जबकि उनके अनुसार मौके पर गाटा संख्या 239 में उनका कोई कब्जा या आवास नहीं है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। श्यामलाल तिवारी का कहना है कि राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 239 बंजर भूमि के रूप में दर्ज है। उनका दावा है कि संबंधित जमीन पर उनके पालतू जानवर, ईंट, घूर तथा दो जामुन, एक चिलबिल और शहतूत के पेड़ मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि की चतुर्सीमा स्पष्ट नहीं होने के कारण कब्जे को लेकर बार-बार विवाद खड़ा किया जा रहा है।
अलग-अलग दस्तावेजों में नाम और पति के नाम को लेकर उठाए सवाल*
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि संबंधित महिला के अलग-अलग सरकारी दस्तावेजों में नाम और पति के नाम का विवरण अलग-अलग दर्ज है। उनके अनुसार राशन कार्ड में 'रामनारायण पत्नी सरोज देवी', प्रधानमंत्री आवास योजना के दस्तावेजों में 'सरोज देवी पत्नी रामनारायण' तथा पट्टे के दस्तावेज में 'सरोज देवी पत्नी राम विशाल' दर्ज है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन विसंगतियों के आधार पर प्रशासन के समक्ष गाटा संख्या 239 पर मकान बनाकर निवास करने का दावा किया गया, जो उनके अनुसार पूरी तरह निराधार है। उन्होंने यह भी बताया कि आबादी की जमीन पर चार कमरों का मकान बना हुआ है, जबकि गाटा संख्या 239 की बंजर भूमि पर मकान बनाकर रहने के दावे की वास्तविकता की स्थलीय जांच आवश्यक है। शिकायतकर्ता ने वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने और वर्ष 2019 में आबादी की जमीन का पट्टा दिए जाने के मामले को भी जांच के दायरे में लाने की मांग की है। न्यायालय से कमिश्नरी तक पहुंचा मामला, फिर भी जांच पर असंतोष श्यामलाल तिवारी के मुताबिक, विवाद का मामला दीवानी न्यायालय से लेकर कमिश्नरी तक पहुंच चुका है, लेकिन अब तक मौके पर निष्पक्ष जांच और पैमाइश नहीं हो सकी है। उन्होंने एडीएम (एफआर) मनोज कुमार शुक्ला सहित संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्टों की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए हैं।
*प्रशासन से निष्पक्ष पैमाइश की मांग*
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी एवं उच्चाधिकारियों से मांग की है कि गाटा संख्या 239 की राजस्व अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष पैमाइश कराई जाए। साथ ही पट्टा आवंटन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। उन्होंने सरकारी बंजर भूमि को अतिक्रमण से सुरक्षित रखने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।


