कृष्ण जन्मोत्सव पर गूंजा ‘नंद घर आनंद भयो’, भक्ति में झूमे श्रद्धालु
भगवान के जन्म पर नृत्य करने वाले को 84 लाख योनियों में नहीं नाचना पड़ता : कौशल किशोर महाराज
सिंगरामऊ (जौनपुर)। क्षेत्र के जमऊपट्टी गांव में पितृ उद्धार के उद्देश्य से मिश्रा परिवार की ओर से आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव की कथा का आयोजन भक्तिभाव के साथ हुआ। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आते ही कथा पंडाल ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की जन्म झांकी पर पुष्पवर्षा की और टॉफियां व खिलौने लुटाकर जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं।
कथा व्यास अयोध्या धाम से पधारे कुलगुरु एवं विद्वान भागवताचार्य कौशल किशोर महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के अवतार के कारणों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने सूर्यवंश में भगवान श्रीराम के जन्म की कथा का भी भक्तों को रसपान कराया।

कौशल किशोर महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के धरती पर अवतरण के समय उन्होंने अपने माता-पिता को बंधन से मुक्त कराया और सभी प्रहरियों को गहरी निद्रा में सुला दिया। इसके बाद वे सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि भगवान और मनुष्य के बीच यही अंतर है। मनुष्य चाहे कितने ही बंधनों में क्यों न जकड़ा हो, यदि वह सच्चे मन से भगवान की भक्ति करता है तो उसे मुक्ति का मार्ग अवश्य प्राप्त होता है।

कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर मुख्य यजमान की ओर से भगवान श्रीकृष्ण की भव्य जन्म झांकी निकाली गई। श्रद्धालुओं ने झांकी पर पुष्पवर्षा कर भगवान के बाल स्वरूप का स्वागत किया। कथा व्यास के भजनों और महिलाओं के सोहर गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते और नृत्य करते नजर आए।

कथा व्यास कौशल किशोर महाराज ने कहा, “भगवान के जन्म पर जो भक्त नृत्य करता है, उसे 84 लाख योनियों में नहीं नाचना पड़ता।” इस दौरान कुल पुरोहित गिरजा शंकर तिवारी ने विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का पूजन कराया।

इस अवसर पर चिंतामणि मिश्र, रमापति मिश्र, दिनेश कुमार मिश्र, प्रेमचंद्र मिश्र, शिवनारायण मिश्र, भानु कुमार मिश्र, अरुण कुमार मिश्र, अनिल मिश्र, सुनील कुमार मिश्र, सुभाष मिश्र, राजेश मिश्र, संजय मिश्र, सुरेंद्र मिश्र, वीरेंद्र मिश्र, पंकज मिश्र, सुरेश मिश्र, अशोक मिश्र, त्रिपुरारीनाथ, विनोद मिश्र, रोहित मिश्र, इंद्रप्रकाश मिश्र, मंगेश मिश्र, उमेश मिश्र, सौरभ मिश्र, राम अभिलाख पांडेय सहित मिश्रा परिवार के सदस्य एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालु मौजूद रहे।