सिगरामऊ क्षेत्र में मौसम ने ली करवट, किसानों के चेहरे खिले
रुक-रुककर हो रही बारिश धान की फसल के लिए बनी वरदान, आगामी फसलों की बुवाई के लिए भी अनुकूल माहौल सिगरामऊ/जौनपुर। कई दिनों से उमस और गर्मी के बाद गुरुवार को सिगरामऊ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम ने करवट ली। आसमान…
रुक-रुककर हो रही बारिश धान की फसल के लिए बनी वरदान, आगामी फसलों की बुवाई के लिए भी अनुकूल माहौल
सिगरामऊ/जौनपुर। कई दिनों से उमस और गर्मी के बाद गुरुवार को सिगरामऊ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम ने करवट ली। आसमान में बादल छाने के साथ रुक-रुककर हो रही बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। बारिश को धान की फसल के लिए काफी लाभदायक माना जा रहा है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से धान के पौधों को आवश्यक पानी मिलने की उम्मीद है, जिससे फसल के विकास में मदद मिलेगी।
किसानों का कहना है कि वर्तमान समय में धान की फसल को पानी की आवश्यकता है। ऐसे में हो रही बारिश से सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा। वहीं, जिन खेतों में आगामी दिनों में रबी अथवा अन्य फसलों की बुवाई की जानी है, उनमें भी मिट्टी में पर्याप्त नमी बनने से खेत तैयार करने और बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी।
कृषि जानकारों कृषि विशेषज्ञ बदलापुर सुनील कुमार सिंह के अनुसार रुक-रुककर होने वाली बारिश से खेतों में नमी बनी रहने पर कुछ फसलों में तना छेदक और फली छेदक जैसे कीटों का प्रकोप कम करने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, लगातार अधिक बारिश होने की स्थिति में जलभराव से फसलों को नुकसान की आशंका भी रहती है। ऐसे में किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने तथा फसलों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी जाती है।
बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम सुहावना हो गया है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने राहत की सांस ली है और अच्छी फसल की उम्मीद जताई है।