*जल जीवन मिशन में बहुत बड़ा घोटाला नहीं पहुंचा किसी गांव तक पानी*
अशोक कुमार वर्मा
*लम्भुआ सुल्तानपुर*
लम्भुआ विधानसभा में जल जीवन मिशन के तहत घोर अनियमिताओं का बोलबाला कहीं घटिया सामग्री का जैसे ईंट बालू वा सीमेंट तो कहीं पाइप नहीं ढके हैं तो कहीं पाइप खुले में पड़े हुए है
उसमें चाहे कोई भी जीव जन्तु जाकर बैठे पाइपों में कहीं ढक्क्न तक नहीं लगा है
बाद में वही जनता दूषित पानी पीने के लिए मजबूर और वेवस होगी इस तरफ ध्यान आकर्षित करना बहुत ही आवश्यक हो गया था
ताकि आमजन का जीवन सुरक्षित हो सके सरकार की यह बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना है सरकार ने इस योजना पर अरबों खरबों रुपए का व्यय किया है
जिससे जनता को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हो सके जिससे जनता में हो रही बीमारियों से तत्काल निजात मिल सके और जो जगह-जगह जल दोहन हो रहा है वह रुके माननीय प्रधानमंत्री और देश के सामाजिक चिंतकों का सुझाव भी रहा है वही इस ड्रीम योजना का मखौल उड़ाया जा रहा है और सदन में माननीय मंत्री जी ने भी यह मान लिया है कि जगह-जगह पेयजल की व्यवस्था हो गई है लेकिन जीरो ग्राउंड पर ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा है 190 विधानसभा लम्भुआ में जब सर्वे करने पत्रकारों की टीम निकली तो धरातल पर कुछ भी अच्छा नजर नहीं आया और ना कहीं पम्प चलते दिखाई दिए और ना ही ग्रामीणो द्वारा ही कोई अच्छी प्रतिक्रिया ही दी गई ऐसा लगता है यह भारत की सबसे बड़ी परियोजना को पलीता लगाने में ठेकेदार अथवा कार्यदाई संस्था ने किसी भी ग्राम सभा तक जल पहुंचने का काम नहीं किया
वैसे जो समझ में है सुल्तानपुर जनपद ही नहीं पूरे उत्तर प्रदेश में कहीं भी पूर्ण रूप से पानी की सप्लाई नहीं हो पाई है खबरों से ऐसा प्रतीत होता है।
