*परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद की शहादत दिवस मनाया बड़ी धूमधाम से*
*सुल्तानपुर*
जनपद सुल्तानपुर के रामनरेश त्रिपाठी सभागार में बड़ी धूमधाम से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मकबूल अहमद (नूरी)इसरीसी की देखरेख
में डीआईजी राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय CRPF कैम्प त्रिसुंडी की मौजूदगी में 151 फीट लंबी तिरंगा यात्रा
बाधमंडी चौराहे से होते हुए डाकखाना चौराहा से होते हुए रामनरेश त्रिपाठी सभागार पर यह तिरंगा यात्रा समाप्त होकर सभा के रूप में परिवर्तित हुई
1 जुलाई 1935 को जन्मे हामिद साहब धामू गांव जनपद गाजीपुर में एक साधारण परिवार में जन्म हुआ था सन 1954 की बाढ़ में अकेले वीर अब्दुल हमीद ने 57 लोगों की जान बचाई थी और अमेरिका द्वारा निर्मित सात पैटर्न टैंक को बमों से नष्ट कर दिया और आठवें पैटर्न टैक को वह नहीं उड़ा पाए पाकिस्तान के दुश्मनों ने देख लिया और गोलियों से उनको भून डाला वह कल दिन 10 सितंबर 1965 का था दुश्मनों से लड़ते हुए शहीद की शहादत कोई साधारण बात नहीं थी सेना में भी मातम पसर गया था और घर वा जिले में सन्नाटा पसर गया था सेना में इनको टैंक पिस्तौर के नाम से भी जाना जाता था मकसूद जी ने शहिद की याद में गीतों का समां बांध रक्खा था अनिल अकेला जी की भी कल काम नहीं थी वही मॉडर्न पब्लिक स्कूल गभडिया, लम्भुआ के भी विद्यालय से बच्चे गए थे एस सकीम ओम नगर कमलनयन पाण्डेय वरिष्ठ साहित्यकार आदि मौजूद रहे
CRPF कैम्प त्रिसुंडी के युवा रंगरूट आए थे यह जिले के लिए भव्य कार्यक्रम था क्योंकि जिले में कभी इतनी लम्बी तिरंगा यात्रा प्रथमबार है।
