*मछलीशहर के चर्चित बिजली एक्सईएन की जांच के लिए पहुंची टीम*
*संविदा लाइनमैन ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप*
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*संवाद: माता चरण पांडे*
जौनपुर। बिजली विभाग के मछलीशहर डिवीजन में अधिशासी अभियंता पर लगे राजस्व घोटाले के आरोपों की जांच के लिए शुक्रवार को विभागीय टीम मछलीशहर कार्यालय पहुंची। टीम के पहुंचने पर पीड़ित संविदा लाइनमैन ने अपने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
मुंगरा बादशाहपुर क्षेत्र के धौरहरा गांव निवासी संविदा लाइनमैन पवन कुमार पांडेय ने अधिशासी अभियंता राजन कुमार पर बिजली विभाग में बड़े पैमाने पर राजस्व घोटाले का आरोप लगाया है। पवन का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री और विभाग के उच्चाधिकारियों को साक्ष्य सहित शपथ पत्र देकर शिकायत की है, जिसमें करीब दस उपभोक्ताओं से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले उजागर किए गए हैं।
आरोप है कि जिन उपभोक्ताओं का करीब एक लाख रुपये का बिजली बिल बकाया था, उसे महज पांच हजार रुपये लेकर समाप्त कर दिया गया। इसके बाद पीडी (स्थायी विच्छेदन) दिखाकर उसी नाम से उसी परिसर में नया कनेक्शन जारी कर दिया गया।
पीड़ित लाइनमैन ने यह भी आरोप लगाया कि लाइन शिफ्ट करने के नाम पर विभाग को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया है। उनका कहना है कि यदि मछलीशहर डिवीजन में बिल रिवीजन और कनेक्शन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा हो सकता है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि विभागीय नियमों को दरकिनार कर कनेक्शन देने के नाम पर अलग-अलग शुल्क की रसीदें काटी जा रही हैं। आरोप है कि सुविधा शुल्क देने वालों से 1100, 1000 या 2700 रुपये की रसीद काटी जाती है, जबकि सामान्य प्रक्रिया में 6100 रुपये का शुल्क निर्धारित है।
पवन कुमार पांडेय का कहना है कि उन्होंने करीब पांच माह पहले आठ मामलों से संबंधित साक्ष्य विभाग को सौंपे थे, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हुई है। इसके बाद उन्होंने आठ और मामलों को उजागर करते हुए पुनः विस्तृत जांच की मांग की है।
इस संबंध में अधीक्षण अभियंता विद्युत जौनपुर अनिल कुमार पाठक ने बताया कि अधिशासी अभियंता मछलीशहर के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। शुक्रवार को टीम मछलीशहर पहुंचकर जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
