मानदेय भुगतान न होने से मनरेगा कर्मियों में रोष, काम करने में असमर्थता जताई

*मानदेय भुगतान न होने से मनरेगा कर्मियों में रोष, काम करने में असमर्थता जताई*

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*संवाद: अजय कुमार पांडे*

बदलापुर (जौनपुर)। विकास खंड बदलापुर में कार्यरत मनरेगा कर्मियों, विशेषकर ग्राम रोजगार सेवकों ने लंबे समय से लंबित मानदेय भुगतान को लेकर गहरी नाराजगी जताई है। कर्मियों का कहना है कि विगत जुलाई 2025 से अब तक उनका मानदेय नहीं मिला है, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और कार्य करने में असमर्थता की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

 

मनरेगा कर्मियों का कहना है कि उन्होंने विभागीय निर्देशों के अनुरूप विकास खंड के लक्ष्यों की पूर्ति में पूर्ण योगदान दिया है। इसके साथ ही एसआईआर, क्रॉप सर्वे सहित अन्य विभागीय कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। इसके बावजूद विभागीय शिथिलता के कारण उन्हें समय पर मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। साथ ही ईपीएफ की देयता भी काफी समय से लंबित है।

 

कर्मियों ने बताया कि विगत दीपावली पर भी उन्हें वेतन नहीं मिल सका और अब होली के अवसर पर भी भुगतान न होने से उनकी पारिवारिक जिम्मेदारियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। आर्थिक तंगी के चलते कर्मियों के सामने परिवार और नौकरी के दायित्वों के बीच संतुलन बनाना कठिन हो गया है।

 

मनरेगा कर्मियों ने यह भी कहा कि मानदेय न मिलने के कारण प्रदेश के कई स्थानों पर ग्राम रोजगार सेवकों द्वारा आत्महत्या जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 में वर्णित ‘जीवन के अधिकार’ के विपरीत स्थिति बताया है।

 

इस संबंध में प्रदेश संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने 23 फरवरी 2026 को ग्राम्य विकास विभाग उत्तर प्रदेश के रोजगार गारंटी आयुक्त से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया था। कर्मियों का कहना है कि हाल ही में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक मानव दिवस सृजित होने की सराहना की गई है, जिससे स्पष्ट है कि प्रशासनिक मद भी अधिक सृजित हुआ है। इसके बावजूद कर्मचारियों के मानदेय और ईपीएफ का भुगतान न होना वित्तीय अनियमितता की ओर संकेत करता है।

 

मनरेगा कर्मियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से मानदेय न मिलने और विभागीय अधिकारियों द्वारा कार्य के नाम पर हो रहे शोषण व उत्पीड़न से वे काफी आहत हैं। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे इस मुद्दे को प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए बाध्य होंगे।

इस मौके प्रमुख रूप से ग्राम रोजगार सेवक संघ अध्यक्ष ओमप्रकाश मिश्रा, पंकज सिंह, विद्याकांत शुक्ला ,राजेश तिवारी, सुभाष चंद्र यादव ,शैला, बसंत लाल ,राजेंद्र रजक ,आनंद तिवारी ,अनिल कुमार पांडे ,रमेश कुमार यादव, संजय यादव, मनोज कुमार सरोज, सुनील कुमार, कालू रजक सहित आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।

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