माता-पिता की नृशंस हत्या से जौनपुर दहला

*बेटा बना धुंधकारी*

*माता-पिता की नृशंस हत्या से जौनपुर दहला*
*********************
*अरुण कुमार जायसवाल


जौनपुर। केराकत कोतवाली क्षेत्र से सामने आए एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड ने पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया है। बीटेक उपाधिधारक पुत्र अंबेश कुमार ने अपने ही माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर उनके शवों के टुकड़े-टुकड़े कर नदी में फेंक दिए। इस जघन्य वारदात के बाद वह माता-पिता के लापता होने का नाटक करते हुए खुद को उनकी तलाश में जुटा हुआ दिखाता रहा।

मूल रूप से केराकत कोतवाली क्षेत्र के टड़वां (थानागद्दी) निवासी रेलवे के सेवानिवृत्त लोको पायलट श्याम बहादुर को क्षेत्र के अहमदपुर छावनी, गौरियाना में नवासा मिला था। 30 जून को सेवानिवृत्त होने के बाद वह पत्नी बबिता देवी के साथ यहीं रह रहे थे। दंपती की चार संतानें थीं, जिनमें तीन विवाहित पुत्रियां वंदना, अपर्णा व सपना तथा एक पुत्र अंबेश कुमार शामिल है।

लगभग पांच वर्ष पूर्व अंबेश ने कोलकाता में दूसरे संप्रदाय की युवती से प्रेम विवाह किया था, जिसे परिवार ने स्वीकार नहीं किया। उसकी पत्नी कभी ससुराल नहीं आई। अंबेश भी तभी घर आता-जाता था, जब उसे पैसों की जरूरत पड़ती थी। एक सप्ताह पहले वह अहमदपुर आया था।

आठ दिसंबर की रात और नौ दिसंबर की सुबह श्याम बहादुर का मोबाइल फोन बंद मिलने पर उनकी बहन शकुंतला देवी (निवासी सिंधोरा, वाराणसी) ने अंबेश से संपर्क किया। अंबेश ने बताया कि माता-पिता लापता हैं और वह स्वयं उनकी खोज कर रहा है। नौ दिसंबर को वह टड़वां भी गया, लेकिन वहां किसी से माता-पिता के लापता होने की चर्चा नहीं की। इसके बाद उसका फोन भी स्विच ऑफ हो गया। 12 दिसंबर को पुत्री वंदना ने जफराबाद थाने में माता-पिता और भाई के लापता होने की सूचना दी, जिस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की।

पुलिस गिरफ्त में आते ही खुला राज

सोमवार सुबह पुलिस ने अंबेश को अहमदपुर से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान वह लगातार बयान बदलता रहा। सख्ती करने पर उसने जुर्म कबूल कर लिया। अंबेश ने बताया कि आठ दिसंबर की रात करीब 10 बजे उसने मसाला कूटने वाले लोहे के बट्टे से माता बबिता देवी और पिता श्याम बहादुर की हत्या कर दी। इसके बाद घर में रखी टीएमटी सरिया काटने वाली कटर मशीन से छह घंटे में दोनों शवों के छह-छह टुकड़े किए।

आरोपी ने शवों के टुकड़ों को सीमेंट की खाली बोरियों में भरा। मां के दोनों पैर बोरे में न आने पर उन्हें कार की डिक्की में रखा। भोर करीब तीन बजे बेलांव घाट पहुंचकर उसने सभी बोरे गोमती नदी में फेंक दिए। इसके बाद घर लौटकर कार की सफाई की, उसे खड़ा किया और घर में ताला लगाकर निकल गया।

फारेंसिक टीम ने जुटाए अहम साक्ष्य

मंगलवार दोपहर पुलिस ने फारेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने कई घंटे तक घर और कार की जांच कर अहम साक्ष्य जुटाए। हत्या में प्रयुक्त लोहे का बट्टा और टीएमटी कटर मशीन पुलिस ने कब्जे में ले ली है। फिलहाल पुलिस ने मकान को सील कर दिया है और मामले की गहन विवेचना जारी है।

इस सनसनीखेज हत्याकांड ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है और पूरे इलाके में दहशत व आक्रोश का माहौल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!