प्रशिक्षित स्टाफ के अभाव में करोड़ों के उपकरण शोपीस, इलाज के लिए भटक रहे मरीज

*प्रशिक्षित स्टाफ के अभाव में करोड़ों के उपकरण शोपीस, इलाज के लिए भटक रहे मरीज*

प्रेम शर्मा

जौनपुर: सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं कागजों में तो मौजूद हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि तकनीशियन और प्रशिक्षित स्टाफ के अभाव में करोड़ों रुपये के उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं।इसका सीधा खामियाजा मरीजों और उनके तीमारदारों को उठाना पड़ रहा है, जिन्हें मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। करोड़ों के उपकरण, पर चलाने वाला कोई नहीं कोरोना काल में शासन द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल को अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। इनमें वेंटिलेटर, ऑक्सीजन प्लांट, आईसीयू बेड, हेल्थ एटीएम, एनलाइजर और अन्य जांच मशीनें शामिल हैं। लेकिन कई जगहों पर ये उपकरण तकनीशियन या प्रशिक्षित स्टाफ के अभाव में लंबे समय से बंद पड़े हैं।

शाहगंज सीएचसी की स्थिति चिंताजनक शाहगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्थापित हेल्थ एटीएम का मदर बोर्ड बीते सात माह से जला पड़ा है, जिससे जांच व्यवस्था पूरी तरह ठप है। कोरोना काल में स्थापित 50 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लीकेज के चलते एक सप्ताह से बंद है। इंजीनियर बुलाए गए हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है। इसके अलावा कोरोना काल में स्थापित पांच बेड का विशेष आईसीयू वार्ड भी बंद पड़ा है। एनलाइजर इंस्टालेशन आ चुका है और अगले सप्ताह इसे चालू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। स्टाफ की भारी कमी सीएचसी शाहगंज पर स्वीकृत छह फार्मासिस्ट के सापेक्ष मात्र दो की तैनाती है, जबकि चार वार्ड ब्वॉय के स्थान पर केवल एक वार्ड ब्वॉय कार्यरत है। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, ईएनटी और नेत्र रोग विशेषज्ञ की अनुपलब्धता से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोनोग्राफी सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। जलालपुर/रेहटी सीएचसी में स्थिति संतोषजनक हालांकि सभी जगह हालात एक जैसे नहीं हैं। जलालपुर क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेहटी में व्यवस्थाएं बेहतर बताई जा रही हैं। अधीक्षक डा. आलोक कुमार सिंह के अनुसार अस्पताल में लैब, एक्स-रे, ईसीजी और ऑक्सीजन प्लांट सुचारु रूप से संचालित हैं और इन्हें चलाने के लिए पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि कोविड काल में अस्पताल एल-2 घोषित था। उस दौरान आईसीयू वार्ड के लिए आए उपकरणों को बाद में वापस भेज दिया गया था। कोविड वार्डों में अब अस्पताल के अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

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