*प्रतापगढ़ थाना देल्हूपुर के अंतर्गत हुई लूट में ज्वैलर्स ने खुद रची लूट की साजिश, पुलिस जांच में हुआ खुलासा*
*पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी,नकदी-चांदी समेत तीन गिरफ्तार,*
अनिल मिश्र 
प्रतापगढ़ पुलिस ने एक सर्राफा व्यवसायी से हुई कथित लूट का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, व्यवसायी रितेश मौर्या ने खुद ही अपनी लूट की साजिश रची थी। इस मामले में रितेश मौर्या सहित तीन आरोपियों, अवनीश कुमार तिवारी और अनुज दुबे को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने लूटे गए
9 लाख 60 हजार रुपये नकद और 3 किलो चांदी भी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि वादी रितेश मौर्या ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वे अपने मित्र के साथ टाटा पंच कार से प्रयागराज से अमेठी जा रहे थे। थाना देल्हूपुर क्षेत्रान्तर्गत गजेहड़ा जंगल के पास स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार
तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी गाड़ी रोकी शिकायत के अनुसार, लुटेरों ने वाहन में रखा एक बैग छीन लिया, जिसमें 3 किलो चांदी और 9 लाख 60 हजार रुपये नकद थे। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी और खुलासे के लिए चार टीमें गठित की थीं।पुलिस पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपी अनुज दुबे ने बताया कि यह वही बैग था जिसे उन्होंने गाड़ी से लूटा था। उसने स्वीकार किया कि बैग में पहले से रखे पैसे
ये tvऔर चांदी के साथ-साथ उसने एक तमंचा भी उसी में रख दिया था। अनुज दुबे ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि वे रितेश के बहकावे में आ गए थे। उसने बताया कि रितेश उर्फ पंकज पर उसकी उधारी थी। कुछ समय पहले जब उसने रितेश से अपने पैसे वापस मांगे तो रितेश ने कहा था कि अभी पैसे नहीं हैं और वह कोई योजना बनाएगा। 6 फरवरी को एक-दो दिन पहले रितेश उर्फ पंकज ने अनुज को बताया कि उसने योजना तैयार कर ली है। रितेश ने कहा कि वह प्रयागराज खरीदारी करने अपनी टाटा पंच गाड़ी से जाएगा और वापसी में उसके साथ एक कारीगर रहेगा, उसी के साथ मिलकर काम को अंजाम देना है। आरोपी अनुज दुबे के मुताबिक, 6 फरवरी 2026 को रितेश ने फोन कर उसे प्रतापगढ़ कोतवाली के पास बुलाया, जहां लूट की पूरी साजिश समझाई गई। रितेश ने बताया कि वह प्रयागराज से खरीदारी कर लौटेगा और देल्हूपुर जंगल के पास अपनी टाटा पंच कार में पीछे रखा बैग कट्टा दिखाकर लूट लेने को कहा। उसने भरोसा दिलाया कि इससे अनुज के उधार पैसे भी मिल जाएंगे और वह अपनी बाकी देनदारियां भी चुका सकेगा। आरोपी के अनुसार, कट्टा खरीदने के लिए रितेश ने 20 हजार रुपये भी दिए थे। पहचान के लिए उसने खास संकेत तय किए-जैसे रास्ते में गाड़ी की अंदरूनी लाइट जलाना, टोल पार करने के बाद गाड़ी की रफ्तार धीमी कर पार्किंग लाइट जलाना और देल्हूपुर बाजार पार कर पुलिया के पास गाड़ी रोकना। योजना के अनुसार, आरोपियों ने मोटरसाइकिल से पहुंचकर रितेश की गाड़ी रोककर बैग लूट लिया। हालांकि घटना के बाद रितेश आरोपियों से संपर्क में नहीं आया, जिससे लूटे गए करीब 9.60 लाख रुपये और तीन किलो चांदी का बंटवारा नहीं हो सका। आरोपी ने बताया कि पूरी रकम और चांदी उसी के पास थी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है। पुलिस ने मामले में रितेश मौर्य समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर द्वारा घटना के अनावरण में शामिल सभी पुलिस कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया है
