*प्रदेश में जर्जर विद्युत पोल बने हादसों का कारण, बड़ी दुर्घटना की आशंका*
अशोक कुमार वर्मा
*लम्भुआ सुल्तानपुर*
जिले की विद्युत व्यवस्था इन दिनों गंभीर खतरे की जद में है। विद्युत आपूर्ति के लिए लगाए गए गोल लोहे के पोल अधिकांश स्थानों पर नीचे से गल चुके हैं। कई पोल जमीन में टूटकर धंस चुके हैं और केवल तारों के सहारे खड़े दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में आंधी, तूफान या तेज बारिश की स्थिति में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
इन जर्जर पोलों के सहारे हाई टेंशन एवं एलटी लाइनें संचालित की जा रही हैं, जो न केवल आमजन बल्कि विद्युत कर्मियों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या से पूरी तरह आंख मूंदे हुए हैं और किसी बड़ी दुर्घटना के घटित होने का इंतजार कर रहे हैं। बाद में विभागीय लापरवाही से पल्ला झाड़ते हुए जवाबदेही से बच निकलना आसान हो जाएगा। स्थिति और भी भयावह तब हो जाती है जब बरसात के मौसम में इन लोहे के पोलों में करंट उतर आता है। यदि कोई पशु गलती से इन खंभों को छू लेता है तो उसकी मौके पर ही मौत हो जाती है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, क्योंकि उनका मूल्यवान पशुधन असमय काल के गाल में समा जाता है।
स्थानीय नागरिकों और किसानों ने मांग की है कि समय रहते इन जर्जर विद्युत पोलों को बदला जाए, ताकि विद्युत व्यवस्था सुचारु बनी रहे और किसी बड़े हादसे से पहले ही जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
