भगवान के प्रति प्रेम की भावना जागृत करता है सत्संग – पंकज महाराज
सिकरारा के पोखरियापुर गांव पहुँची आध्यात्मिक यात्रा में उमड़े श्रद्धालु,
सिकरारा जौनपुर ।

बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी पंकज जी महाराज की शाकाहार-सदाचार मद्यनिषेध आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा सोमवार को क्षेत्र के पोखरियापुर पहुँची। सत्संग सभा में प्रवचन करते हुये पंकज जी महाराज जी ने कहा कि महापुरुषों के सत्संग में किसी व्यक्ति, जाति, धर्म की निदा आलोचना नहीं की जाती बल्कि भगवान की भक्ति के प्रति प्रेम प्यार पैदा किया जाता है। मनुष्य शरीर की महिमा इसलिये है कि इसमें से प्रभु प्राप्ति का रास्ता जाता है जिसका भेद सन्त महात्मा जानते हैं। इस कलियुग में सन्तों की परम्परा में सन्त कबीरदास जी, नानक जी, रबिदास जी, गोस्वामी जी महाराज, जगजीवन साहब, गोविन्द साहब, पलटू साहब, शिवदयाल जी महाराज, स्वामी घूरेलाल जी महाराज आदि कई सन्तों का अवतरण हुआ जिन्होंने सुरत शब्द योग (नाम योग) साधना का रास्ता बताया और हमारे गुरु महाराज ने तो इसकी पर्तदर पर्त खोलकर जनसुलभ बनाया और करोड़ो लोगों का जीवन बदल कर सन्तमत की इस साधना में लगाया। जिसमें आज भी करोड़ो लोग साधनारत हैं। जो रास्ता भजन का आपको बताया गया बहुत ही सरल और गृहस्थ आश्रम में किया जा सकता है।
उन्होंने आगाह करते हुये कहा लोगों ने हिन्सा अपराध का जो रास्ता अपनाया है उससे बहुत मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। इसलिये मानवतावादी बनें। मानव धर्म, मानव कर्म का पालन करें। जीवन सत्य दया करुणा परोपकार आदि गुणों को अपनायें। सभी महापुरुषों ने अहिंसा पर जोर दिया। जो लोग शाकाहारी-सदाचारी और शराब आदि व्यसनों से मुक्त हैं वे बहुत अच्छे हैं। जो नहीं हैं उनसे अपील है शाकाहारी बनें। चरित्र जैसे धन को इक्ट्ठा करें
इस अवसर पर ऋषिदेव श्रीवास्तव, अरुण कुमार वर्मा, लालमणि मौर्य, मनोज मौर्य, प्रधान बृजेश यादव, संस्था के महामन्त्री बाबूराम यादव, आश्रम के प्रबन्धक सन्तराम चौधरी, बिहार प्रदेश के अध्यक्ष मृत्युन्जय झा, दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष विजय पाल सिंह सक्रिय रहे।
