*टीबी हारेगा, देश जीतेगा का नारा लगवा कर सीएमओ जौनपुर ने टीबी उपचाराधीन मरीजों का बढ़ाया मनोबल*

*टीबी हारेगा, देश जीतेगा का नारा लगवा कर सीएमओ जौनपुर ने टीबी उपचाराधीन मरीजों का बढ़ाया मनोबल*

*ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति ने 85 टीबी मरीजों को बांटी पोषण पोटली*

शिवपूजन मिश्रा

ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति के गौरीशंकर मंदिर सिंगरामऊ स्थित मुख्यालय पर संस्था की ओर से गोद लिए गए 85 टीबी मरीजों को सीएमओ डॉ लक्ष्मी सिंह के हाथों मंगलवार को पोषण पोटली बांटी गई। इस दौरान 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान के तहत मौके पर मौजूद लोगों को शपथ भी दिलाई गई।

मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में लोगों ने टीबी प्रभावितों और उनके परिवारों को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, टीबी प्रभावितों को फिर से स्वस्थ और सम्मानित जीवन जी सकने में सहयोग देने का संकल्प लिया। उन्होंने लोगों से टीबी हारेगा, देश जीतेगा नारा लगवाकर टीबी उपचाराधीनों का मनोबल बढ़ाया। लोगों की मांग पर क्षय उपचाराधीनों के साथ उन्होंने ‘हम होंगे कामयाब एक दिन, टीबी हारेगा, देश जीतेगा एक दिन’ सुनाकर उनका आत्मविश्वास बढ़ाया।

सीएमओ ने कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा टीबी रोगी भारत में हैं। इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2025 तक देश से टीबी उन्मूलन का संकल्प लिया है। इसमें ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति बढ़-चढ़कर प्रयास कर रही है जिसके लिए उन्होंने संस्था प्रमुख डॉ अंजू सिंह की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी रोगी की जांच और इलाज मुफ्त में होता है। ज्यादातर टीबी फेफड़ों में होती है लेकिन यह शरीर के अन्य अंगों में भी फ़ैल सकती है। क्षय उपचाराधीनों से संवाद कायम कर उन्होंने बताया कि दो हफ्ते से ज्यादा खांसी आए, बुखार हो, रात में पसीना आने सहित कई अन्य लक्षण दिखने पर टीबी होने की आशंका रहती है जबकि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, कुपोषितों, डायबिटीज के मरीजों आदि में टीबी होने की संभावना ज्यादा रहती है।

संस्था प्रमुख डॉ अंजू सिंह ने कहा कि यह बीमारी हवा से फैलती है। इसलिए टीबी मरीजों को इधर-उधर खांसना, छींकना और थूकना नहीं चाहिए। टीबी किसी जाति, धर्म और वर्ग तक सीमित नहीं है। शुरू से ही और पूरा इलाज किये जाने पर यह बीमारी पूरी तरह से ठीक हो जाती है लेकिन इलाज नहीं करवाने पर एक मरीज सालभर में 15 नये मरीज बना सकता है। इसलिए टीबी मरीजों के साथ रहने वाले लोगों को भी टीबी की जांच करानी चाहिए। उन्हें टीबी से बचाने के लिए दवा दी जाती है। अच्छा पोषण लेने से मरीज जल्दी से इस बीमारी से मुक्त हो जाता है। इसलिए सरकार नवंबर 2024 से प्रतिमाह एक हजार रुपए की दर से उपचार कराने वाले मरीजों के खाते में जमा कर रही है। उन्हें पोषण पोटली दी जा रही है जिसमें एक-एक किलो गुड़, चना, मूंगफली, तिल, सत्तू, प्रोटीन पाउडर आदि दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि टीबी रोग के खात्मे के लिए 100 दिनों का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जल्द टीबी रोगियों की पहचान कर टीबी से होने वाली मौतों में कमी लाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही नये रोगी बनने से रोकने की कोशिश हो रही है।

उन्होंने कहा कि धर्म हमें सेवा, प्रेम और परोपकार का पाठ पढ़ाता है। इसलिए आइए हम सब मिलकर टीबी मुक्त समाज बनाने में अपनी भूमिका निभाएं जिससे अगली पीढ़ी टीबी मुक्त हवा में सांस ले सके। यह अभियान तभी सफल होगा जब हर व्यक्ति टीबी को हराने में अपनी भूमिका निभाएगा। गीत गाकर अतिथियों का स्वागत कंचन ने किया। सुभावती देवी और कंचन ने संस्था की तरफ से सीएमओ डॉ लक्ष्मी सिंह का फूल माला पहनाकर स्वागत किया। संचालन सौम्या सिंह ने किया। इस दौरान अजय सिंह, डॉ संजय सिंह, अनिल शर्मा, भ्रमर यादव, उर्फ टिंकू यादव, शुभम सिंह, लालमणि मिश्रा, नेहा सिंह, मंजू सिंह, जबीं अख्तर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

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