प्रतापगढ़: रोशनी प्रजापति ने अपनी कला से रची भक्ति की अनूठी मिसाल खुद बनाई मां दुर्गा की प्रतिमा और सजाया पंडाल*
प्रतिभा, मेहनत और श्रद्धा का संगम बनी रोशनी की कलाकारी, बेटी के हुनर की हो रही सराहना*
प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा हिम्मत पट्टी की रहने वाली रोशनी प्रजापति पुत्री सोमनाथ प्रजापति ने नवरात्रि के पावन अवसर पर अपनी कलात्मक प्रतिभा, मेहनत और मां दुर्गा के प्रति अटूट श्रद्धा से अनूठी मिसाल पेश की है। रोशनी ने मां दुर्गा की प्रतिमा स्वयं अपने हाथों से तैयार की और उसे पंडाल में स्थापित कर आकर्षक ढंग से सजाया। उनकी इस रचनात्मक पहल की सराहना हो रही है। रोशनी ने साबित कर दिया कि यदि मन में लगन, आस्था और कुछ नया करने का जज्बा हो, तो बेटियां भी अपनी प्रतिभा से समाज में अलग पहचान बना सकती हैं। रोशनी ने मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार करने में अपनी कल्पनाशीलता, मेहनत और रचनात्मक कौशल का परिचय दिया। प्रतिमा निर्माण से लेकर पंडाल सजाने तक उनका प्रयास उनकी लगन और समर्पण को दर्शाता है। यह पहल केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि बेटियों के हुनर, आत्मविश्वास और सृजनशीलता का भी प्रेरणादायक उदाहरण है। आज के दौर में जब युवा पीढ़ी आधुनिक गतिविधियों की ओर तेजी से आकर्षित हो रही है, ऐसे समय में रोशनी ने अपनी कला के माध्यम से भारतीय परंपरा और संस्कृति के प्रति अपने लगाव को प्रदर्शित किया है। उनका यह प्रयास बताता है कि नई पीढ़ी अपनी प्रतिभा के बल पर धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। रोशनी प्रजापति की यह पहल समाज को संदेश देती है कि बेटियों को अवसर, सहयोग और प्रोत्साहन मिले, तो वे अपनी मेहनत और प्रतिभा से हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। परिवार और समाज का दायित्व है कि वे बेटियों के हुनर को पहचानें और उन्हें अपनी रुचि के अनुसार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। मां दुर्गा की प्रतिमा स्वयं बनाकर पंडाल सजाने वाली रोशनी ने अपनी कला और भक्ति से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। उनकी यह पहल अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है। जरूरत है कि ऐसे हुनर को सम्मान मिले, ताकि रोशनी जैसी प्रतिभाएं आगे चलकर अपनी कला, मेहनत और रचनात्मकता से परिवार तथा समाज का नाम रोशन करती रहें।
