*नाग पंचमी पर गौरीशंकर धाम में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे*
*डॉ. आशीष तिवारी ने किया रुद्राभिषेक, भंडारे में श्रद्धालुओं को स्वयं बांटा प्रसाद ,बारिश और कीचड़ के बीच श्रद्धालुओं के साथ पैदल चले, व्यवस्थाओं का लिया जायजा*
संवाददाता दधीच विश्वकर्मा
चांदा (सुलतानपुर)। नाग पंचमी के पावन अवसर पर चांदा क्षेत्र के शाहपुर स्थित प्रसिद्ध गौरीशंकर धाम में सोमवार को आस्था और सेवा का संगम देखने को मिला। सुबह से ही भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजता रहा।
इस अवसर पर सेवार्थम फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. आशीष तिवारी ने गौरीशंकर धाम पहुंचकर विधि-विधान से भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया। आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन और रुद्राभिषेक कराया। इसके बाद आरती में श्रद्धालुओं ने भी सहभागिता की।

*भंडारे में स्वयं बांटा प्रसाद*
रुद्राभिषेक और आरती के बाद सेवार्थम फाउंडेशन की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया। दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। डॉ. आशीष तिवारी ने स्वयं श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर प्रसाद वितरित किया। उन्होंने बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं को बिना किसी भेदभाव के अपने हाथों से प्रसाद बांटा।भंडारे के दौरान फाउंडेशन के कार्यकर्ता श्रद्धालुओं की सेवा और व्यवस्था संभालने में जुटे रहे। डॉ. तिवारी श्रद्धालुओं से बातचीत करते हुए उनकी समस्याओं और मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की जानकारी लेते भी नजर आए।
*जरूरतमंदों की मदद का किया प्रयास* 
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद जरूरतमंद लोगों की भी यथासंभव सहायता की गई। डॉ. आशीष तिवारी ने कहा कि धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसे अवसरों पर जरूरतमंदों की सेवा भी की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सेवार्थम फाउंडेशन सेवा भाव को प्राथमिकता देता है। समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए संस्था की ओर से आगे भी लगातार प्रयास किए जाएंगे।
*कीचड़ भरे रास्ते पर श्रद्धालुओं के साथ पैदल चले*
बारिश के कारण गौरीशंकर धाम परिसर और वहां तक पहुंचने वाले रास्ते पर जगह-जगह कीचड़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई थी। इससे श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति जानने के लिए डॉ. आशीष तिवारी स्वयं श्रद्धालुओं के साथ पैदल कीचड़ भरे रास्ते से होकर चले और मौके पर स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए। बारिश के दौरान कीचड़ और जलभराव से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी होती है। ऐसे स्थानों पर रास्ते को दुरुस्त कराने, जलनिकासी और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था पर ध्यान दिया जाना जरूरी है।पूरे आयोजन के दौरान गौरीशंकर धाम में भक्ति उत्साह का माहौल बना रहा। श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते रहे। वहीं, भंडारे में सेवा कार्य के दौरान डॉ. आशीष तिवारी के श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर स्वयं प्रसाद वितरण करने की लोगों ने सराहना की।
