सिगरामऊ क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया पर्व, सावन सोमवार के चलते बढ़ा महत्व

*नाग पंचमी पर शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़*

*सिगरामऊ क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया पर्व, सावन सोमवार के चलते बढ़ा महत्व*

*******************

*संवाद शिवपूजन मिश्रा*

सिगरामऊ। सोमवार को नाग पंचमी का पर्व क्षेत्र में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। नाग पंचमी और सावन सोमवार एक ही दिन पड़ने से पर्व का महत्व और बढ़ गया। सुबह से ही घरों में परंपरा के अनुसार नाग देवता को दूध और लावा चढ़ाया गया। क्षेत्र में ऐसी मान्यता है कि नाग देवता को दूध-लावा अर्पित किए बिना कोई शुभ कार्य पूर्ण नहीं होता।

 

क्षेत्र के जिन मंदिरों में शिवलिंग के साथ नाग देवता की प्रतिमा स्थापित है, वहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुहागिन महिलाओं, कुंवारी कन्याओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का पूजन किया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को प्रिय भांग, धतूरा, मंदार, बेलपत्र, घी, दूध, दही, शहद और गंगाजल मिश्रित जल अर्पित किया। भगवान शिव के दर्शन के लिए श्रद्धालु सुबह से ही कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

 

चंदापुर स्थित गौरी शंकर धाम, फिरोजपुर के स्वयंभू महादेव मंदिर और सिगरामऊ राजघराने के ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रही। हल्की बारिश के बावजूद मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई और पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा।

 

वहीं, नाग पंचमी पर निभाई जाने वाली गुड़िया विसर्जन की परंपरा भी क्षेत्र में देखने को मिली। परंपरा के अनुसार बहनें एक रात पहले गुड़िया बनाकर घर में रखती हैं और सुबह भाइयों के साथ उसे पोखर में विसर्जित करने जाती हैं। इसके बाद भाई रंगीन डंडे से गुड़िया को पीटकर पानी में डुबोते हैं। हालांकि, इस बार क्षेत्र के कई जलाशयों और अमृत सरोवरों में पानी न होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

 

सोमवार को हुई हल्की बारिश से लोगों को कुछ राहत मिली। बारिश को लोग इंद्रदेव और नागराज की कृपा के रूप में देखते हुए गुड़िया विसर्जन की परंपरा पूरी करने को लेकर उत्साहित नजर आए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!