*प्रतापगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गोवध निवारण अधिनियम के दो वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, 2021 के मामले में थी तलाश*
अनिल मिश्र
प्रतापगढ़। जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत आसपुर देवसरा थाना पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने वर्ष 2021 में दर्ज गोवध निवारण अधिनियम के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को थाना क्षेत्र के मल्लूपुर गांव के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार 4 सितंबर 2021 को थाना आसपुर देवसरा क्षेत्र के ग्राम कोपा के समीप सड़क किनारे करीब 15 बोरों में गोवंशीय मांस बरामद हुआ था। इस मामले में थाना आसपुर देवसरा में गोवध निवारण अधिनियम एवं अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि एक संगठित गिरोह अवैध रूप से गोवंशीय पशुओं का वध कर मांस को अन्य स्थानों और गैर-प्रांतों में बिक्री के लिए भेजता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 29 सितंबर 2021 को आसपुर देवसरा और पट्टी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह की घेराबंदी की गई थी। इस दौरान पुलिस पर फायरिंग और वाहनों से कुचलने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस टीम ने साहस का परिचय देते हुए 20 गोवंशीय पशुओं को मुक्त कराया, तीन पिकअप, एक मैजिक वाहन और एक मोटरसाइकिल बरामद की थी। साथ ही 17 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अवैध तमंचे, कारतूस तथा गोवध में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए थे।इसी प्रकरण में फरार चल रहे दो वांछित अभियुक्त मुख्तार पुत्र दीनू (65 वर्ष) तथा कल्लू उर्फ फैय्याज पुत्र स्वर्गीय हदीस उर्फ गुज्जुर (28 वर्ष) निवासी मल्लूपुर, थाना सिंगरामऊ, जनपद जौनपुर को बुधवार को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार एवं क्षेत्राधिकारी पट्टी मनोज कुमार सिंह रघुवंशी के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी राकेश कुमार चौरसिया के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अवधराज यादव, योगेन्द्र सिंह, शिवम त्रिपाठी, जयकिशुन यादव सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।पुलिस का कहना है कि जनपद में अपराधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और फरार वांछित अभियुक्तों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
