घाघरपारा में सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ
शिव पूजन मिश्र
सिंगरामऊ (जौनपुर)। क्षेत्र के घाघरपारा गांव में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा का आयोजन मुख्य यजमान श्रीमती बृजबाला उपाध्याय एवं लालचंद उपाध्याय के सौजन्य से कराया जा रहा है।
कथा व्यास के रूप में वृंदावन धाम से पधारे परम पूज्य भागवत कथा मर्मज्ञ राम बहादुर मिश्रा ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा आम के पके हुए फल के समान है, जिसका रसपान करने से श्रोता आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति करता है। जिस प्रकार तोता हमेशा पके हुए फल को ही चोंच मारता है और उसका आनंद लेता है, उसी प्रकार भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य को ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति होती है।
कथा व्यास ने धुंधकारी के मोक्ष की कथा सहित श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म और भक्ति का संदेश दिया। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति रस में डूबे नजर आए।
इस अवसर पर मोतीलाल उपाध्याय, कैलाश, कन्हैया लाल उपाध्याय, हरिश्चंद्र, राजेंद्र, दुर्ग विजय, अजीत, सुजीत, संजीव, आदित्य, सिद्धार्थ सहित समस्त उपाध्याय परिवार के नर-नारी एवं क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
