*निजी अस्पतालों में भी सड़क दुर्घटना घायलों का होगा निःशुल्क इलाज*
*घटना के बाद एक घंटा (गोल्डन आवर) सबसे अहम*
*********************
*अरुण कुमार जायसवाल (जिला ब्यूरो)*
जौनपुर।
केंद्र सरकार की कैशलेस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टम्स स्कीम के तहत अब सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति का इलाज निजी अस्पतालों में भी निःशुल्क किया जाएगा। शासन से निर्देश मिलते ही जिला प्रशासन ने योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के अंतर्गत घायल को डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार अथवा सात दिनों तक भर्ती रखने की सुविधा मिलेगी।
परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार योजना के पहले चरण में जिलाधिकारी का खाता खोल दिया गया है। दूसरे चरण में उन निजी अस्पतालों का चिन्हांकन किया जाएगा, जहां इस योजना के अंतर्गत उपचार की व्यवस्था की जाएगी। एआरटीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि जिले के सभी निजी अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि किसी भी दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल इलाज मिल सके। उपचार करने वाले अस्पताल को सड़क सुरक्षा समिति के माध्यम से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
गोल्डन ऑवर है सबसे अहम
दुर्घटना के बाद पहला एक घंटा, जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है, बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि इस अवधि में घायल को उपचार मिल जाए तो कई जानें बचाई जा सकती हैं। अनुमान के मुताबिक करीब 30 प्रतिशत लोगों को समय से अस्पताल पहुंचाकर बचाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से यह योजना लागू की जा रही है, ताकि इलाज में देरी न हो।
जौनपुर में बढ़ रहे सड़क हादसे
वाराणसी मंडल में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में जौनपुर जिला सबसे आगे है। परिवहन विभाग द्वारा दिसंबर में जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में जिले में कुल 653 सड़क हादसे हुए। इन हादसों में 436 लोगों की मौत हुई, जबकि 440 लोग घायल हुए। यह आंकड़ा वर्ष 2024 की तुलना में अधिक है। प्रशासन का मानना है कि नई योजना के लागू होने से दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में कमी लाई जा सकेगी और घायलों को समय पर बेहतर उपचार मिल पाएगा।
