*राष्ट्रीय राजमार्ग 731 का है बुरा हाल होने के बाद भी हो रही है टोल पर वसूली*
अशोक कुमार वर्मा
*लम्भुआ सुल्तानपुर*
जनपद सुल्तानपुर के अमहट से लेकर जहां वाराणसी शुरू होता है सड़क पर ढेर सारी आवश्यक आवश्यकता ना होने के बावजूद भी बैती कला टोल प्लाजा पर हो रही है वसूली जबकि सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के मंत्री माननीय नितिन गडकरी साहब का कहना है कि 60 किलोमीटर से पहले
कोई भी टोल वसूला नहीं जाएगा यहां टोल से टोल की दूरी 51.4 किलोमीटर होने के बावजूद भी टोल वसूली हो रही है जो पूरी तरह अवैध है कारण नम्बर 1 पखरौली रेलवे स्टेशन के पास ऊपरगामी पुल स्वीकृत है लेकिन पुल का निर्माण आज तक नहीं हो पाया है जिसके लिए नियत तारीख जुलाई में निश्चित हुआ था रेलवे का उसे दिन ब्लॉक मिलना था जिसे जो स्ट्रक्चर बना हुआ है
उसके ऊपर रखा जा सके लेकिन ठेकेदार की घोर लापरवाही के कारण आज तक वह काम नहीं हो पाया और ना ही दोनों तरफ मिट्टी का ही कार्य पूर्ण है सड़क पर ना तो कहीं स्ट्रीट लाइट है और ना ही बीच में डिवाइडर की पट्टी लगी हुई है जिसके कारण आए दिन घटनाएं दुर्घटनाएं होती रहती हैं इस मुद्दे को स्पेशल युवा एंटी करप्शन टीम के बारी-बारी से अध्यक्ष राममणी तिवारी सलाहकार और मीडिया प्रभारी उठाते आए हैं
लेकिन कुछ समय बाद अधिकारी इसे फिर भूल जाते हैं और काम फिर ठंडा हो जाता है लेकिन वसूली का काम जोरो पर चल रहा है टोल पर जो बैठे हुए हैं उनका कहना है कि हमको ठेका मिला है हमको वसूली करके राजस्व को बढ़ाना है लेकिन तमाम कमियों के बाद भी माननीय नितिन गडकरी सड़क एवं परिवहन मंत्री के सदन में दिए गए बयान से भी कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है जिम्मेदार कब जागेंगे यह नहीं पता है और ना ही आज तक गायत्री कंस्ट्रक्शन पर कोई जुर्माना ही लगाया गया और ना ही कार्य प्रगति पर हो रहा है आखिर ऐ समझ में नहीं आता है कि सरकार गायत्री कंस्ट्रक्शन पर इतनी मेहरबान बनी हुई है कौन सा ऐसा कारण है जिसके कारण ब्लैक लिस्टेड नहीं की गई आखिर सरकार किस प्रकार से मजबूर है यह नहीं समझ में आया वही जितेन्द्र श्रीवास्तव जो स्पेशल युवा एंटी करप्शन टीम के मीडिया प्रभारी भी है सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को कई बार चिट्ठी भी लिख चुके हैं लेकिन वही ढांख के तीन पात,सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा ठोस कदम न उठाया जाना चिंता का विषय है जिम्मेदार इस कुम्भकर्णी नींद से कब जागते हैं कब इस राष्ट्रीय राजमार्ग के हाल को समझेंगे बहुत सी जगह सड़क में दरारे आ चुकी जिसे ऐसा कहा जा सकता है कि सडक बनने से पहले ही टूट गई, यानि बुजुर्गों की भाषा में कहे तो शादी से पहले तलाक हुआ।
