*एनएच-731 की समस्याएं पहुँचीं दिल्ली, सेवार्थम फाउंडेशन ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नाम सौंपा ज्ञापन*
*51 किमी में दो टोल, पुलों की कम ऊँचाई और स्थानीय राहत का मुद्दा उठा, मंत्रालय ने दिया सकारात्मक आश्वासन*
दधीच विश्वकर्मा 
लंभुआ/सुल्तानपुर। जनपद सुल्तानपुर से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-731 पर 51 किलोमीटर के भीतर संचालित दो टोल प्लाज़ाओं और कई बड़े पुलों एवं अंडरपास की कथित कम ऊँचाई का मामला अब दिल्ली तक पहुँच गया है।
जनहित के इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर सेवार्थम फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. आशीष तिवारी ने नई दिल्ली स्थित सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय पहुँचकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के नाम संबोधित विस्तृत ज्ञापन मंत्रालय के अधिकारियों को सौंपा तथा मामले में विस्तार से चर्चा की।ज्ञापन में डॉ. आशीष तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-731 पर स्थित असरोगा टोल प्लाज़ा और बेतीकला टोल प्लाज़ा के बीच की दूरी लगभग 51 किलोमीटर है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा
संसद में दिए गए वक्तव्य में एक ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर 60 किलोमीटर के भीतर दूसरा टोल प्लाज़ा नहीं होने की बात कही गई थी। इसके बावजूद सुल्तानपुर में दोनों टोल प्लाज़ाओं पर लगातार वाहनों से टोल वसूला जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई है।
इस विषय को लेकर क्षेत्र की जनता, समाजसेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा क्षेत्रीय सांसद और विधायक समय-समय पर शासन और प्रशासन के समक्ष उठाते रहे हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आ सका है। फाउंडेशन ने दोनों टोल प्लाज़ाओं की वैधानिक स्थिति की जांच कर जनहित में आवश्यक निर्णय लेने की मांग की है।इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग-731 पर बने कई बड़े पुलों एवं अंडरपास की कथित कम ऊँचाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि कई स्थानों पर कम क्लियरेंस के कारण भारी वाहन, कृषि यंत्र और स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित होता है। ऐसे सभी पुलों और अंडरपास का तकनीकी निरीक्षण कर मानकों के अनुरूप सुधारात्मक कार्य कराए जाने की मांग की गई है।
इस अवसर पर संत कबीर नगर के पूर्व सांसद प्रवीण निषाद, कुशीनगर के सांसद विजय दुबे तथा सेवार्थम फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अवर सचिव से विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान अधिकारियों ने जनहित से जुड़े सभी बिंदुओं पर सकारात्मक विचार करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।बैठक में मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में एमएलएफएफ (Multi Lane Free Flow) प्रणाली लागू होने के बाद पारंपरिक टोल प्लाज़ाओं को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की योजना है। नई व्यवस्था में वाहन चालकों से केवल उतनी ही दूरी का टोल लिया जाएगा, जितनी दूरी वे राष्ट्रीय राजमार्ग पर वास्तविक रूप से तय करेंगे। इसके अलावा टोल प्लाज़ा से 20 किलोमीटर की परिधि में रहने वाले स्थानीय नागरिकों के लिए वार्षिक पास की व्यवस्था पर भी सकारात्मक चर्चा हुई, जिससे आसपास के हजारों लोगों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।सेवार्थम फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. आशीष तिवारी ने कहा कि संगठन जनहित से जुड़े मुद्दों को शासन और प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-731 पर टोल व्यवस्था, पुलों की तकनीकी जांच और स्थानीय नागरिकों की सुविधाओं से जुड़े मुद्दों का शीघ्र समाधान होने से लम्भुआ सहित पूरे क्षेत्र के लाखों लोगों को सुरक्षित, सुगम और किफायती आवागमन का लाभ मिलेगा।
