योग दिवस पर कोइरीपुर नगर पंचायत में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
दधीच विश्वकर्मा
कोइरीपुर (चांदा)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जहां देशभर में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विभिन्न संस्थाएं योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन का संदेश देने में जुटी रहीं, वहीं कोइरीपुर नगर पंचायत में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम कई सवालों के घेरे में है कार्यक्रम तो संपन्न हुआ, लेकिन नगर पंचायत के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की अनुपस्थिति लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत परिसर में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी (ईओ) तथा किसी भी वार्ड के सभासद की उपस्थिति नहीं दिखाई दी। ऐसे में योग दिवस जैसे महत्वपूर्ण सरकारी आयोजन में जिम्मेदार पदाधिकारियों की गैरमौजूदगी को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है।
सरकार के अभियान को लगा झटका?
केंद्र और राज्य सरकार द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हर वर्ष बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों, नगर निकायों और पंचायतों में विशेष आयोजन कर लोगों को योग के प्रति जागरूक किया जाता है। ऐसे में नगर पंचायत स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल
कार्यक्रम में मौजूद लोगों का कहना है कि जब सरकार स्वयं योग दिवस को लेकर व्यापक अभियान चला रही है, तब नगर पंचायत के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों का कार्यक्रम से दूरी बनाना समझ से दूर है। लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजनों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी जनता को प्रेरित करने का काम करती है, लेकिन यहां स्थिति इसके विपरीत देखने को मिली।
अब सवाल यह है कि आखिर नगर पंचायत अध्यक्ष, ईओ और सभासद कार्यक्रम में क्यों नहीं पहुंचे? क्या उन्हें कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी, या फिर कोई अन्य कारण था? इस संबंध में नगर पंचायत प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
क्या योग दिवस जैसे महत्वपूर्ण आयोजन को गंभीरता से नहीं लिया गया?
नगर पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारी कार्यक्रम से दूर क्यों रहे?
क्या भविष्य में ऐसे आयोजनों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी?
