*सर्पदंश की बढ़ती घटनाएं, झाड़-फूंक नहीं समय पर उपचार बचाएगा जान*
*सांप काटने पर अंधविश्वास से बचें, तुरंत अस्पताल पहुंचें: चिकित्सक*
*संवाद :माता चरण पांडे*
मछलीशहर/जौनपुर। क्षेत्र में इन दिनों सर्पदंश की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। बढ़ती गर्मी के कारण विषैले जीव-जंतुओं का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
हाल ही में मछलीशहर क्षेत्र में सर्पदंश की दो घटनाएं सामने आईं। पहली घटना सुजानगंज क्षेत्र के बेलवार गांव की निवासी अनीता दुबे के साथ हुई, जिन्हें गाय को रोटी खिलाने के दौरान सांप ने काट लिया। दूसरी घटना भीलमपुर निवासी पारसनाथ के साथ हुई। दोनों मामलों में परिजनों ने बिना समय गंवाए पीड़ितों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजानगंज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की टीम ने तत्काल उपचार कर उनकी जान बचा ली।
चिकित्सकों ने सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए आमजन से अपील की है कि सांप काटने की स्थिति में किसी भी प्रकार की झाड़-फूंक या अंधविश्वास का सहारा न लें। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सरकारी अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार प्राप्त करें। समय पर इलाज मिलने से पीड़ित के प्राणों की रक्षा की जा सकती है, जबकि उपचार में देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
इसी संदर्भ में प्रतापगढ़ जनपद से एक दुखद घटना भी सामने आई है। प्रतापगढ़ के चंदौसी-ढकवा निवासी 12 वर्षीय नैतिक पुत्र दीपचंद की सर्पदंश के बाद मृत्यु हो गई। बताया जाता है कि खेलते समय उसे सांप ने काट लिया था, लेकिन परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ गए। समय पर उचित चिकित्सा न मिलने के कारण बालक की जान नहीं बचाई जा सकी।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया है कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी-वेनम इंजेक्शन उपलब्ध हैं। सर्पदंश की स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचकर इसका लाभ उठाएं और किसी भी प्रकार के अंधविश्वास से दूर रहें।
