*मेढ़ा ग्राम पंचायत में नव दिवसीय कथा का आयोजन*
*राम जन्म से धनुष यज्ञ तक की कथाओं का हुआ रसपान*
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*संवाद :शिवपूजन मिश्रा*
सिगरामऊ क्षेत्र अंतर्गत मेढ़ा ग्राम पंचायत स्थित मेधा ऋषि की तपस्थली पर गोमती तट के किनारे स्थित गोमतेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में परम पूज्य चिमटा बाबा के सानिध्य में नव दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन ग्रामीणों के सहयोग से संपन्न हो रहा है। कथा में अयोध्या से पधारे परम पूज्य श्री श्याम भूषण शरण महाराज ने भगवान राम की बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण और सजीव वर्णन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथाव्यास ने बताया कि बाल रूप में भगवान श्रीराम जब धूल-धूसरित होकर अपने पिता राजा दशरथ के पास पहुंचे तो राजा दशरथ ने स्नेहवश उन्हें अपनी गोद में उठा लिया। इसी प्रसंग में उन्होंने भगवान की अलौकिक लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि एक बार माता कौशल्या भगवान राम को पालने में सुलाकर मंदिर पूजन के लिए गईं, जहां उन्होंने भगवान का वही स्वरूप मंदिर में भी देखा। यह देख वे चकित और भयभीत हो गईं। तब भगवान राम ने उन्हें अपना विराट नारायण स्वरूप दिखाते हुए कहा कि ‘मां, तीनों लोकों के पालनहार नारायण आपके ही घर में हैं, बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है।’ भगवान ने माता से इस रहस्य को गुप्त रखने का आग्रह भी किया।
कथा के दौरान चारों भाइयों के नामकरण, महर्षि विश्वामित्र द्वारा राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को मांगना, अहिल्या उद्धार, धनुष यज्ञ तथा परशुराम-लक्ष्मण संवाद जैसे प्रसंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया। श्रद्धालु कथा का रसपान कर भावविभोर हो उठे।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक आरती उतारी गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
