*नगर पंचायत लम्भुआ में आवास योजना में बड़ा जिन्द प्रकट*
अशोक कुमार वर्मा
*लम्भुआ सुल्तानपुर*
प्रधानमंत्री आवास योजना कार्यक्रम का आयोजन नगर पंचायत अध्यक्ष ने किया अपने आवास पर आवास के पात्रों पर लगने लगे गंभीर आरोप नगर पंचायत निवासी विजय शंकर उपाध्याय ने वार्ड नम्बर नौ के साथ वार्ड नम्बर 7 अटलनगर समेत सभी वार्डो के आवास के पात्रों पर लगाया गंभीर आरोप कहा नगर पंचायत के बाहरी व्यक्तियों के साथ अपात्र लोगो को दिया गया आवास सभासद छविले ने अपने पत्नी बेटे के साथ मृतक व्यक्तियों को आवास देने का कार्य किया वही उपाध्याय द्वारा एक अपात्रों की सूची जारी करते हुए अटलनगर वार्ड नम्बर सात में वेद प्रकाश सिंह जो की नगर पंचायत के इसी वार्ड में अभी हाल ही में जमीनी बैनामा लिया को और प्रांशु सिंह, मनीष सिंह पुत्र राजकुमार सिंह दोनो सगे भाई जिनकी उम्र 19 से 28 के बीच है को भी आवास देने का कार्य किया गया है सूत्रों से जानकारी मिली है की ये तीनो सभासद के बहुत करीबी है और जमीन भी नहीं है आवास आखिर बने तो कहाँ वहीं सभी वार्डो में आवास पात्रों का यही हाल है वार्ड चार में भी वही हाल है विकास के नाम पर शून्य है क्योंकि उस वार्ड में सभासद के द्वारा जिन कार्यों की माँग होती है वह हो नहीं पाता जब की अध्यक्ष नगर पंचायत अंगद सिंह का कहना है की यदि कोई भी भृस्टाचार अथवा घूस कोई सभासद अथवा प्रतनिधि मांगे तो बेलन दिखाने और दौड़ाने की बात नगर अध्यक्ष ने अपने निज आवास पर की थी वहीं पूछने पर अध्यक्ष द्वारा यह भी बात कही गई थी हमने कार्य को गलत और गुणवत्ता पूर्ण न कराने वाले ठेकेदार को प्रतिबंधित किया हमारे नगर पंचायत में मिलती है तो कार्यवाही तत्काल होगी जबकी लोगो का कहना है अध्यक्ष नगर पंचायत उसकी सूचना दी जा चुकी है लेकिन कोई भी कार्यवाही नहीं हो सकी अब अंगद के इस धन्यबाद कार्यक्रम पर भी अंगुली उठने लगी है कही ऐसा तो नहीं इस कार्यक्रम के जरिये लोगो को समझाने या यू कहे की लोगो का ध्यान भटकाने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वहीं जनकारों का कहना है कि काम लेने/टेंडर अलॉटमेंट, पेमेन्ट तक लगभग 40% कमीशन जैसे मिशन पर अब ठेकेदार 60% पैसे में काम करेगा और अपने और मजदूर को मजदूरी दे या फिर घर बेचकर लगाये कार्य को अब अधिकारी किस चश्मे से देखता है लिपना पोतना ही करने के लिए ही विवश कार्यवाही करता अथवा करता है तो भी अब तो अधिशासी अधिकारी जूनियर इंजीनियर और इंजीनियर अब नौकरी देकर के ही इस नगर पंचायत के जिन्द को एक नई दिशा दे सकता अन्यथा भ्रष्टाचार का जिन्द अपनी मस्त चाल में चलता है और चलता ही रहेगा। अब गाँधी जी के तीन बंदरो वाली कहानी चरितार्थ होती नज़र आ रही है।
