*प्रतापगढ़ में माघ मेला जा रहे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को प्राइवेट बस ने मारी टक्कर 23 श्रद्धालु जख्मी*
*पुलिस ने एंबुलेंस की मदत सभी धायल श्रद्धालुओं को मेडिकल कॉलेज में कराया भर्ती*
अनिल मिश्र 
प्रतापगढ़ में मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज माघ मेला जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप को प्राइवेट बस ने टक्कर मार दी। शनिवार भोर करीब चार बजे हुए इस हादसे में 23 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
यह दुर्घटना नगर कोतवाली के जोगापुर के पास हुई। बताया जा रहा है कि भीषण कोहरे के कारण बस ने श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को टक्कर मार दी, जिससे पिकअप पलट गई। पिकअप में कुल 37 श्रद्धालु सवार थे। सभी श्रद्धालु संत कबीरनगर जिले के लोहरौली थाना क्षेत्र के एक ही गांव के रहने वाले हैं। वे मौनी अमावस्या पर स्नान करने के लिए प्रयागराज माघ मेला जा रहे थे।
हादसे की सूचना मिलते ही सीओ सिटी प्रशांत राज और नगर कोतवाल सुभाष भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ श्रद्धालुओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने टक्कर मारने वाली प्राइवेट बस को घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर जाकर पकड़ लिया, हालांकि बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से पलटी हुई पिकअप को सड़क से हटाकर प्रयागराज-अयोध्या हाईवे पर आवागमन सामान्य कराया। घायलों में संतराम, कर्मराज, राम अजोरे, नरेश, राम बहादुर, सुनीता, चम्पा, आशा, अंशिका, कमला देवी, सुशीला, आर्यन, मुरारी लाल, सुक्खू, रेशमा, आदित्य, यशवंत, राजू, मालती, अदालती, सोनवती, कमलावती और कन्हैया लाल सहित अन्य लोग शामिल हैं। सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा ने बताया कि प्राइवेट बस ने श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को टक्कर मारी थी। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। प्राइवेट बस को जब्त कर लिया गया है, जबकि चालक फरार है
*जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने अस्पताल पहुंचकर घायल श्रद्धालुओं का लिया हाल-चाल*
सूचना पर जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी एवं पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर द्वारा जिला अस्पताल पहुँचकर स्वास्थ्य परीक्षण कर हालचाल लिया गया।इस दौरान अधिकारियों द्वारा चिकित्सकों से घायलों के उपचार की जानकारी प्राप्त की गई तथा उचित एवं बेहतर चिकित्सीय उपचार सुनिश्चित कराने हेतु संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
