*डीएम की फटकार व चेतावनी पर तहसीलदार ने वरासत दर्ज कराकर खतौनी पहुंचाई जिलाधिकारी के पास*
*1 साल से तहसील का चक्कर काट रही थी महिला*
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*संवाद– माता चरण पांडे*
मछलीशहर
जिलाधिकारी की चेतावनी के बाद जून 2024 से वरासत के लिए महिला को तहसील के चक्कर कटवा रहे तहसीलदार और राजस्व कर्मी अपने ऊपर कार्यवाही के भय से हरकत में आ गए।तहसीलदार पीड़ित के साथ राजस्व कर्मियों सहित स्वयं मौके पर जाकर पीड़ित महिला की वरासत दर्ज कराए।इसके साथ ही सोमवार को खतौनी लेकर जिलाधिकारी के पास शिकायतकर्ता के साथ पहुंचे।जहां जिलाधिकारी ने अपने हाथों पीड़ित को खतौनी सौंपी।बताया जाता है कि जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह की अध्यक्षता में 2 अगस्त को मछलीशहर तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ था।जिसमें बरईपार निवासी एक पीड़ित महिला रुचि मिश्रा पत्नी स्व.अमित मिश्रा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर का आरोप लगाया था कि मेरे पति की मृत्यु 25 जून 2024 को हो गई लेकिन राजस्व कर्मी विवादित दिखाकर वरासत नहीं दर्ज कर रहें हैं और पैसे की मांग कर रहे हैं।साथ ही ससुराल के लोग घर से मुझे छोटी बच्ची के साथ घर से निकाल दिए।भुक्तभोगी मायके से आकर पति की मृत्यु के बाद जून 2024 से दर्जनों शिकायती पत्र देकर तहसील,थाने के चक्कर काट रही है।महिला की शिकायत पर जिलाधिकारी ने बिलंब का कारण पूछा तो तहसीलदार और राजस्व कर्मी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।जिलाधिकारी ने तहसीलदार रवि रंजन कश्यप को चेतावनी देते हुए राजस्व निरीक्षक निर्भय यादव, लेखपाल पुष्पेंद पाल के विरुद्ध कार्यवाही का निर्देश दिया और तत्काल तहसीलदार एवं राजस्व कर्मी को मौके पर जाकर महिला की वरासत दर्ज कर खतौनी देने का सख्त आदेश दिया था।वहीं जिलाधिकारी ने क्षेत्राधिकारी प्रतिमा वर्मा को महिला की ससुराल में सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया था।जिलाधिकारी के सख्त आदेश का परिणाम हुआ कि पति की मृत्यु के बाद जून माह से तहसील के चक्कर काट रही महिला को न्याय मिला। वहीं भुक्तभोगी की विधवा पेंशन भी स्वीकृत कराया।
