*राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जिलाधिकारी से मांगी रिपोर्ट*
तीखी आवाज़
रिपोर्टर- प्रेम शर्मा
शाहगंज कोतवाली में पुलिस हिरासत में हुई मटरू बिंद की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी |आयोग ने जांच पूरी करने की समय सीमा 20 नवंबर 2024 तय की है| यह मामला हाई कोर्ट के वकील डा. गजेंद्र सिंह यादव के द्वारा दर्ज कराया गया था |जिसमें उन्होंने मटरू बिंद की पुलिस हिरासत में मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की थी| आपको बता दें कि यह घटना 19 नवंबर सुबह की है कोतवाली पुलिस का दावा था कि शाहगंज के शौचालय में मटरू बिंद ने गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली| जबकि परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया है|मटरू बिंद बडौ़ना गांव के निवासी थे| पुलिस ने उचक्का गिरी के आरोप में 18 अक्टूबर को उनको हिरासत में लिया था |घटना के दिन वह पुलिस कस्टडी में था| पुलिस के अनुसार वह सुबह शौचालय गए और काफी समय तक बाहर नहीं निकले |जब देखा गया तो वह फंदे से लटक रहे थे |उन्हें तुरंत उतार कर अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने देखते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया| पुलिस ने शुरुआत में मामले की गंभीरता को देखते हुए इस घटना को छिपाने की कोशिश की |थाना प्रभारी ने इस बात को टालने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों एवं अधिवक्ता द्वारा उठाए गए सवालों के बाद यह मामला संदिग्ध बन गया| डा. गजेंद्र सिंह यादव ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही हो ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके|
