*मां मरी धाम में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर पहल तेज, शौचालय निर्माण का आश्वासन; डॉ. आशीष तिवारी ने सहयोग का बढ़ाया हाथ*
*मां मरी धाम पहुंचे डॉ. आशीष तिवारी, बोले— जरूरत पड़ी तो निजी खर्च से बनवाएंगे शौचालय, वाटर कूलर लगाने का भी किया ऐलान*
संवाददाता दधीच विश्वकर्मा
सुल्तानपुर/लंभुआ। विकासखंड लंभुआ क्षेत्र के साहपुर हरबंश स्थित प्रसिद्ध मां मरी धाम में गुरुवार को सेवार्थम फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशीष तिवारी ने विधि-विधान से मां मरी का पूजन-अर्चन किया। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर के पुजारी एवं स्थानीय लोगों से धाम के धार्मिक महत्व की जानकारी ली और श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं व समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान डॉ. तिवारी ने मंदिर परिसर में स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, सार्वजनिक शौचालय, मंदिर की साज-सज्जा, प्रकाश व्यवस्था तथा महिलाओं द्वारा माता को कढ़ाई चढ़ाने के लिए समुचित स्थान की आवश्यकता जैसे मुद्दों पर पुजारी से संवाद किया। इस दौरान संबंधित ग्राम सभा के प्रधान प्रतिनिधि बद्री प्रसाद यादव भी मौजूद रहे।चर्चा में सबसे बड़ी समस्या सार्वजनिक शौचालय के अभाव की सामने आई। इस पर डॉ. आशीष तिवारी ने तत्काल खंड विकास अधिकारी नीलिमा गुप्ता से दूरभाष पर वार्ता कर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शीघ्र शौचालय निर्माण कराने का अनुरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कारणवश सरकारी स्तर पर शौचालय निर्माण में विलंब होता है, तो वह अपने निजी खर्च से भी शौचालय का निर्माण कराने के लिए तैयार हैं।बीडीओ नीलिमा गुप्ता ने इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बद्री प्रसाद यादव से बातचीत की। प्रधान प्रतिनिधि ने आश्वस्त किया कि अगले 10 से 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।डॉ. आशीष तिवारी ने कहा कि मां मरी धाम में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने धाम में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के लिए अपने स्तर से वाटर कूलर स्थापित कराने की घोषणा की। साथ ही कहा कि मंदिर के पुजारी द्वारा धाम के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिस भी प्रकार का सहयोग मांगा जाएगा, उसे पूरा करने के लिए सेवार्थम फाउंडेशन सदैव तत्पर रहेगा।स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने डॉ. तिवारी की इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि धाम में शीघ्र ही शौचालय, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।
