कृष्ण जन्मोत्सव पर गूंजा “नंद घर आनंद भयो”, भक्ति में झूमे श्रद्धालु

*कृष्ण जन्मोत्सव पर गूंजा “नंद घर आनंद भयो”, भक्ति में झूमे श्रद्धालु*

 

*भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की झांकी पर पुष्पवर्षा, भजनों और सोहर गीतों पर श्रद्धालुओं ने किया भक्तिमय नृत्य*

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*संवाद :शिवपूजन मिश्रा*

सिंगरामऊ (जौनपुर)। क्षेत्र के डंडारी गांव में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के वातावरण में मनाया गया। कृष्ण जन्म की कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा पंडाल में पहुंचे। भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य की झांकी प्रस्तुत होते ही पूरा पंडाल “नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने झांकी पर पुष्पवर्षा की तथा टॉफियां और खिलौने लुटाकर अपनी आस्था प्रकट की।भगवान के जन्म से पूर्व ही मौसम ने भी बादल गर्जना तथा रिमझिम फुहार देकर मानो जन्म के समय,पूर्व प्राकट्य की घटना का साक्षी बन रहा था।

यह धार्मिक आयोजन मुख्य यजमान वंश गोपाल (दादा) उपाध्याय के सौजन्य से संपन्न हो रहा है। कथा व्यास परम पूज्य भागवताचार्य धर्मराज महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के अवतार के उद्देश्य और दिव्य लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लेते ही अपने माता-पिता को बंधनों से मुक्त कराया, कारागार के सभी प्रहरियों को योगमाया के प्रभाव से निद्रा में सुला दिया और स्वयं सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। इससे भगवान की दिव्य शक्ति और मानव जीवन के बीच का अंतर स्पष्ट होता है।

 

कथा व्यास ने कहा कि जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान की भक्ति करता है, उसके जीवन के सभी बंधन प्रभु की कृपा से समाप्त हो जाते हैं और उसे आध्यात्मिक मुक्ति का मार्ग प्राप्त होता है। उन्होंने प्रवचन के दौरान कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर श्रद्धा और भक्ति के साथ नृत्य करने वाला भक्त 84 लाख योनियों के चक्र से मुक्त होता है।

 

कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर मुख्य यजमान की ओर से आकर्षक झांकी निकाली गई। कथा व्यास के मधुर भजनों एवं महिलाओं द्वारा गाए गए पारंपरिक सोहर गीतों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। महिलाओं और पुरुषों ने भक्ति गीतों पर उत्साहपूर्वक नृत्य किया। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने स्वयं को धन्य अनुभव किया तथा उनकी दिव्य लीलाओं का श्रवण कर भक्ति रस में सराबोर हो गए।

 

इस अवसर पर राजकुमार उपाध्याय, आशीष मिश्र, विमल मिश्रा, धीरज उपाध्याय, ऋतिक उपाध्याय, आदर्श, उत्कर्ष, टिंकू, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, अशोक शुक्ला, प्रभाकर शुक्ला, हृदय नारायण शुक्ला, भारत मिश्रा, मुन्ना मिश्रा, रिंकू, प्रिंसु, टिल्लू, कमलेश मिश्रा, राम पूजन, हिमांशु पांडे सहित समस्त उपाध्याय परिवार के सदस्य एवं क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु भक्तजन उपस्थित रहे।

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