*उत्तर प्रदेश में 39 बोतलबंद पानी के ब्रांड प्रतिबंधित*
*जौनपुर में जनआंदोलन की जीत पर जश्न*
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*अरुण कुमार जायसवाल (जिला ब्यूरो)*
जौनपुर।
उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने बोतलबंद पानी के 39 ब्रांड्स पर कड़ा कदम उठाते हुए उनके निर्माण, आपूर्ति और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। जांच में ये सभी ब्रांड्स पीने योग्य मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। इस फैसले से जौनपुर समेत प्रदेशभर के उपभोक्ताओं में राहत और संतोष का माहौल है।
जौनपुर में इस निर्णय को लंबे समय से चल रहे जनआंदोलन की बड़ी जीत माना जा रहा है। जिले में अवैध और निम्न गुणवत्ता वाले आरओ व पैकेज्ड वाटर प्लांट्स के खिलाफ पिछले कई महीनों से जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा था। प्रतिबंध की खबर मिलते ही अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की।
जन-अभियान के संयोजक विकास तिवारी ने कहा कि यह सिर्फ 39 ब्रांड्स पर रोक नहीं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य की जीत है। उन्होंने बताया कि अंबेडकर तिराहा पर हजारों लोगों के हस्ताक्षर एकत्र कर प्रशासन तक आवाज पहुंचाई गई थी, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आया है।
प्रतिबंधित ब्रांड्स में गोरखपुर की रिप्लायबल फ्रेश, बस्ती की कीवी, चित्रकूट की क्वीन, गोंडा की सुपर फाइव स्टार, अंबेडकरनगर का एक्वा हेल्थी, लखनऊ का व्यूप्ट और फिट, बाराबंकी का किंग मेन, फतेहपुर का चिल, उन्नाव का फू-फू पुक, देवरिया का एक्वा वालिडिन, रामपुर का एक्वा, मैनपुरी का ग्लोबल, प्रयागराज का नीट, गौतमबुद्धनगर का एक्वा बोट और आजमगढ़ का ग्लासिया समेत अन्य ब्रांड शामिल हैं।
विकास तिवारी ने एफएसडीए की कार्रवाई की सराहना करते हुए मांग की कि जौनपुर जिले में भी सभी स्थानीय अवैध आरओ व पैकेज्ड वाटर प्लांट्स की तत्काल जांच कर उन्हें सील किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो इस मुद्दे पर एक बार फिर बड़ा जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सभी समर्थकों और जागरूक नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की सतर्कता और एकजुटता से ही ऐसे सकारात्मक और जनहितकारी बदलाव संभव हो पाते हैं।
