*मनरेगा में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए डेढ़ लाख जॉबकार्ड निरस्त, सत्यापन अभियानतेज* (उपायुक्त मनरेगा सुशील कुमार)
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*अरुण कुमार जायसवाल ( जिला ब्यूरो)*
जौनपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अब तक जिले में डेढ़ लाख जॉबकार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। वर्तमान में जनपद में मनरेगा जॉबकार्ड धारकों की कुल संख्या 4 लाख 79 हजार 431 है, जिसमें से 2 लाख 97 हजार 425 कार्डधारक सक्रिय पाए गए हैं।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के सभी 21 विकास खंडों में जॉबकार्ड धारकों का सत्यापन कराया जा रहा है। साथ ही, मनरेगा के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों की फोटो मनरेगा की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने का प्रावधान लागू किया गया है। इसकी जिम्मेदारी महिला मेठ, रोजगार सेवक एवं ग्राम सचिव को सौंपी गई है।
तीन चरणों में हो रहा सत्यापन
जॉबकार्ड धारकों का सत्यापन तीन चरणों में किया जा रहा है—
1. जो श्रमिक पलायन कर चुके हैं,
2. जिनकी मृत्यु हो चुकी है,
3. जिन्होंने गलत तरीके से एक से अधिक जॉबकार्ड बनवा रखे हैं।
इन तीनों बिंदुओं पर चल रही जांच के क्रम में अब तक डेढ़ लाख जॉबकार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है।
ऑनलाइन निगरानी और जांच
मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए अब गांवों में चल रहे कार्यों का पूरा विवरण श्रमिकों की संख्या के साथ वेबसाइट पर अपलोड कराया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के बाद उन गांवों की जांच की जा रही है, जहां श्रमिकों की फोटो अपलोड करने में अनियमितता पाई गई है। इसमें करंजाकला ब्लॉक के दो गांवों सहित कुछ अन्य गांव भी शामिल हैं।
ड्रोन से होगी निगरानी
अनियमितताओं को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रशासन द्वारा आने वाले दिनों में मनरेगा कार्यों का ड्रोन से निरीक्षण कराने की भी तैयारी की जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर खामी न रह जाए।
अधिकारियों ने बताया कि मनरेगा कार्यों की हर स्तर पर निगरानी की जा रही है। कुछ गांवों में जॉबकार्ड और कार्यों में गड़बड़ी की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनकी जांच प्रक्रिया जारी है।
