*प्रतापगढ़ : सीएमओ के निरीक्षण में खुली सीएचसी अमरगढ़ की पोल बैठक के बीच ओपीडी में बेखौफ चलता रहा बाहर की दवा का खेल*
*अस्पताल परिसर में गंदगी और बदहाल व्यवस्थाओं पर सीएमओ नाराज,*
अनिल मिश्र
प्रतापगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अमरगढ़ में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की कई खामियां उजागर हो गईं।
एक ओर सीएमओ आशा कार्यकर्ताओं के साथ प्रसव मामलों में आई गिरावट पर समीक्षा बैठक कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर ओपीडी में मरीजों को सरकारी अस्पताल के बजाय बाहर की महंगी दवाएं लिखे जाने का मामला सामने आया निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने अस्पताल परिसर, वार्ड, शौचालय और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अस्पताल परिसर में फैली गंदगी, स्वच्छ पेयजल की अपर्याप्त व्यवस्था तथा जर्जर शौचालयों को देखकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इन कमियों के लिए सीएचसी अधीक्षक को जिम्मेदार ठहराते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। इसी दौरान ओपीडी में तैनात चिकित्सक डॉ. रामराज सरोज द्वारा एक मरीज को करीब 1800 रुपये की बाहर से खरीदने वाली दवाएं लिखे जाने का मामला सामने आया। मरीज के साथ आए तीमारदार ने जब अस्पताल के बाहर स्थित मेडिकल स्टोर पर पर्ची दिखाई तो उसे बताया गया कि लिखी गई दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं और उन्हें बाहर से खरीदना होगा। मामले में जब डॉ. रामराज सरोज से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा, “अगर लोग कह रहे हैं कि मैं बाहर की दवा लिख रहा हूं, तो बात सही ही होगी।”
डॉक्टर का यह बयान स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों पर सवाल खड़े करता है। वहीं सीएचसी अधीक्षक हरिश्चंद्र ने कहा कि सभी चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों को बाहर की दवा न लिखी जाए। यदि किसी चिकित्सक द्वारा ऐसा किया गया है तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मरीजों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाने के लिए दोषी चिकित्सकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और अस्पताल में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
