*ड्रोन की निगरानी, चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा: प्रतापगढ़ में शांतिपूर्ण ढंग से निकले 364 मोहर्रम जुलूस*
*एसपी दीपक भूकर बोले— कहीं से नहीं मिली अप्रिय घटना की सूचना, प्रशासन की मुस्तैदी से सकुशल संपन्न हुआ मोहर्रम*
अनिल मिश्र
प्रतापगढ़। मोहर्रम पर्व को लेकर जनपद में पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। जिलेभर में निकाले गए 364 ताजिया जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई, जबकि ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे समय निगरानी रखी गई। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख
मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने स्वयं भारी पुलिस बल के साथ शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सभी जुलूस शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप निकाले गए। ताजियों की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट निर्धारित की गई थी तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार ही जुलूस निकालने की अनुमति दी गई। प्रतीकात्मक हथियारों के प्रदर्शन को भी निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत ही अनुमति दी गई। थाना आसपुर देवसरा क्षेत्र में कुल 63
ताजिए निकाले गए। थानाध्यक्ष राकेश चौरसिया ने बताया कि क्षेत्र के सभी जुलूस देर रात तक पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गए और कहीं भी कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई। वहीं नगर पंचायत ढकवा में भी मोहर्रम का जुलूस पूरे पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाला गया। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक त्यागी, मनोज यादव, सभासद सुनील यादव, सभासद
प्रतिनिधि शिवम सोनी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय लोग जुलूस में शामिल हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीएम पट्टी पूर्णेन्दु मिश्र, क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार रघुवंशी, नायब तहसीलदार कृपा शंकर यादव, थानाध्यक्ष राकेश चौरसिया, ढकवा चौकी प्रभारी अवध राज यादव, उपनिरीक्षक शिवम त्रिपाठी सहित भारी संख्या में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी पूरे समय मौके पर मौजूद रहे और लगातार निगरानी करते रहे। *रात्रि लगभग 8:30 बजे पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि जनपद में लगभग सभी ताजिया जुलूस सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब तक जिले के किसी भी हिस्से से किसी अप्रिय घटना की सूचना प्राप्त नहीं हुई है, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।*
