*गरीब बेटियों के विवाह में सहारा बना सेवार्थम फाउंडेशन, शाहपुर व अहिरौला में बढ़ाया मदद का हाथ*
*आर्थिक सहायता के साथ गृहस्थी का सामान देकर संस्था ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी*
लंभुआ सुल्तानपुर समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय सेवार्थम फाउंडेशन ने एक बार फिर मानवता और सहयोग की मिसाल पेश की है। फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. आशीष तिवारी के मार्गदर्शन में फाउंडेशन की टीम ने चांदा क्षेत्र के शाहपुर तथा लंभुआ क्षेत्र के अहिरौला गांव में आयोजित वैवाहिक
कार्यक्रमों में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग प्रदान किया।चांदा क्षेत्र के शाहपुर ग्राम सभा में स्व. चौथीराम की पुत्री डिम्पी के विवाह अवसर पर सेवार्थम फाउंडेशन की ओर से ₹11 हजार की आर्थिक सहायता दी गई। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद
ग्रामीणों के सहयोग से विवाह समारोह संपन्न हुआ। संस्था ने बेटी के सुखद भविष्य की कामना करते हुए परिवार को अपना सहयोग दिया।वहीं लंभुआ क्षेत्र के अहिरौला गांव निवासी राम मिलन बौद्ध की पुत्री खुशबू के विवाह में भी फाउंडेशन ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। परिवार की जरूरतों को देखते हुए पूर्व में ₹11 हजार की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी।
विवाह समारोह में संस्था की ओर से बेड, तकिया, कंबल, श्रृंगारदान, कुर्सी, टेबल, अलमारी सहित आवश्यक गृहस्थी सामग्री भेंट की गई।फाउंडेशन पदाधिकारियों ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्किजरूरतमंद परिवारों के सुख-दुख में सहभागी बनकर उन्हें आत्मीय सहयोग देना है। संस्था बेटियों के विवाह, शिक्षा, स्वास्थ्य और समाजहित के अन्य कार्यों में लगातार सक्रिय है।
इस अवसर पर डॉ. आशीष तिवारी ने कहा कि बेटी की मुस्कान ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी है। जब समाज एकजुट होकर किसी बेटी का सहारा बनता है तो विवाह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का उत्सव बन जाता है।
कार्यक्रम के दौरान नवविवाहित जोड़ों के सुखद और मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना की गई।
संस्था ने सहयोग करने वाले ग्रामीणों और समाजसेवियों का आभार जताते हुए सेवा कार्यों को आगे भी जारी रखने का संकल्प दोहराया।
