*सिपाही-होमगार्ड भर्ती में पास कराने का झांसा देकर ठगी, STF ने दो आरोपियों को दबोचा*
*सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली करने वाला गिरोह बेनकाब*
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*अरुण कुमार जायसवाल (जिला ब्यूरो)*
प्रयागराज/जौनपुर प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की इलाहाबाद यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिपाही एवं होमगार्ड भर्ती परीक्षाओं में सफलता दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को प्रयागराज और जौनपुर से दबोचा गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान छोटे लाल यादव निवासी बड़ागांव, थाना मुंगरा बादशाहपुर, जनपद जौनपुर तथा राजू कुमार मांझी निवासी ग्राम हकाम, थाना मुफस्सिल, जिला सिवान (बिहार) के रूप में हुई है। राजू वर्तमान में प्रयागराज के टैगोर टाउन स्थित शांतिकुंज अपार्टमेंट में रह रहा था।
एसटीएफ की पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह में कुल चार लोग शामिल हैं। इनमें से दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य दो सदस्य फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पूछताछ के दौरान राजू कुमार मांझी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को पास कराने का झांसा देता था। गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों की तलाश कर उनसे संपर्क करते थे, उनके प्रवेश पत्र प्राप्त करते थे और नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे। बाद में वसूली गई राशि को आपस में बांट लिया जाता था।
मामले में संबंधित थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस गिरोह के नेटवर्क की पड़ताल करने के साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि राजू कुमार मांझी का आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2022 में भी उसे नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
