आर्केस्ट्रा से नाराज अधेड़ ने फांसी लगाकर दी जान, गृह प्रवेश की खुशियां मातम में बदलीं,

*आर्केस्ट्रा से नाराज अधेड़ ने फांसी लगाकर दी जान, गृह प्रवेश की खुशियां मातम में बदलीं,*

दधीच विश्वकर्मा

*चांदा/सुलतानपुर*

 

सुलतानपुर जनपद के चांदा कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव में बेहद दुखद और सनसनीखेज का मामला सामने आया है, जहां एक घर में चल रहे मांगलिक कार्यक्रम के दौरान ही किसी नाराजगी के कारण घर के मुखिया ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना चांदा कोतवाली क्षेत्र के सराय जुझार गांव की है, जहां शीतला प्रसाद उर्फ नन्हकऊ यादव (उम्र लगभग 50 वर्ष)ने गांव के पास एक पेड़ पर साड़ी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

ने गांव के पास पेड़ में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।

मिली जानकारी के अनुसार, शीतला यादव के घर में गृह प्रवेश और बच्चे के जन्म के बाद बरही का कार्यक्रम चल रहा था। घर में सुबह से ही रामायण पाठ चल रहा था, जो संपन्न हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, रामायण पाठ के बाद घर पर आर्केस्ट्रा चल रहा था। बताया जा रहा है कि मृतक शीतला यादव घर पर चल रहे आर्केस्ट्रा से नाराज थे।

ग्रामीणों से पूछताछ से मिली जानकारी के अनुसार आर्केस्ट्रा को लेकर घर में हुए विवाद की वजह से शीतला यादव गांव के समीप एक पेड़ पर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। जब परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिजन आनन-फानन में शव को उतारकर घर ले आए। इस घटना के बाद, जहां घर में खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां मातम छा गया।

इस सूचना पर तत्काल पुलिस बल घटनास्थल पर पहुँचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। मौके पर फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया। जाँच में यह पाया गया कि कुछ पारिवारिक कारणों से नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। परिजनों ने तहरीर दी कि हमें इस घटना को लेकर कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं करनी है और ना हीं हमें पोस्टमार्डम करना है हम हमारे रीती रीवाज के साथ अंतिम संस्कार करना है।

दी हुई तहरीर के अनुसार परिजनों ने ग्रामीणों कि मदद से शीतला प्रसाद उर्फ़ नन्हकऊ का रितिरिवाज के साथ दाह संस्कार किया गया।

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