*सोशल आडिट की धज्जियाँ उड़ाते बी आर पी और उनकी टीम*

*सोशल आडिट की धज्जियाँ उड़ाते बी आर पी और उनकी टीम*

 

तीखी आवाज

अशोक कुमार वर्मा

 

एक तरफ सरकार पारदर्शिता दिखाने के लिए तमाम तरह की योजनाए और जाँच करवा रही है दूसरी तरफ जांच करने वाले की भ्रस्टाचारियों का सपोर्ट कर रही है।

हम बात कर रहे ग्रामसभाओ मे हुए कार्यों के जाँच आडिट की यहाँ आडिट टीम ही प्रधानो द्वारा हुए कार्यों को छुपा रही है किसी भी ग्राम सभाओ मे आडिट टीम समय से नहीं पहुंची दस बजे पहुँच कर खुली बैठक करनी थी लेकिन कही साढ़े ग्यारह बजे तो कही 1 बजे तक टीम ही नहीं पहुंची मजे की बात तो ये है की पत्रकारों की टीम जमीनी हकीकत जानने और अपने कैमरे की निगाह से सरकार को अवगत कराने का प्रयास लगभग 11 बजे ग्राम पंचायत भवन मदनपुर पनियार पहुंचे जहाँ बीआरपी और प्रधान आपसी ताल मेल बैठाते दिखे ना मनरेगा मजदूर ना ग्रामवासियों की उपस्थिति यहाँ तक की सोशल आडिट टीम का कोई सदस्य उपस्थित नहीं मिला,वहाँ से हमारी टीम लोटिया ग्राम पंचायत भवन 11:48 मिनट पहुंची जहाँ पर बीआरपी पहुंचे थे यहाँ भी इनकी टीम नदारत मिले लगभग 12 बजे टीम पहुंची तो ऑडिट शुरू हुई ग्रामीणों ने हुए कार्य को लेकर और जो भी कार्य हुए है बाहरी मजदूरों से कराये जाने का आरोप लगाते हुए टीम से शिकायत किया यहाँ प्रेम बहादुर सिंह ने काफी कार्य ना होना और पैसा ख़ारिज करने का भी आरोप लगाया है,लेकिन अफसोस ढाक के तीन पात, हमारी टीम ने खूनशेखपुर पहुँच कर हाल जाना जहाँ प्रधान ही कहे मुतावित सोशल आडिट टीम ऑडिट की फाइल तैयार कर के बैठे थे वही हाल उनके यहाँ भी कोई मनरेगा मेम्बर नहीं था, मदनपुर देवरार मे मनरेगा मजदूरों ए साथ ग्रामीण उपस्थित मिले आडिट टीम ने बताया की यहाँ सभी कार्य पूर्ण है हमें 5 बजे तक रहना है कोई शिकायत नहीं मिली,टीम ने खुदौली का नजारा देखना चाहा तो वहाँ 2:12 मिनट का हाल ही कुछ अलग रहा पंचायत भवन खुला मिला लेकिन ना मनरेगा मजदूर मिले ना ही आडिट टीम और बिना प्रचार प्रसार के तो ग्रामीणों को पता चलेगा नहीं,वहाँ मौजूद लोगो से जानकारी मिली की अभी अभी निकले है वो लोग कुछ ही देर मे वहाँ आडिट टीम को सूचना मिलते ही दोबारा वापस बीआरपी टीम के साथ आये और कहा कौन है पत्रकार मै भी जिले से हिन्दुस्तान अख़बार का पत्रकार हूं जिले मे ऐसा कौन सा पत्रकार है जो मुझे नहीं जानता,पत्रकारों की टीम ने उनसे जानना चाहा की यहाँ कितने कार्य हुए है कितने मौके पर पूर्ण पाए गए है क्या कोई ग्रामीणो की शिकायत भी मिली है,उन्होंने कहा हम रिपोर्ट डी डी ओ को भेज देंगे आप उनसे पूँछीयेगा आपके सवालों का जवाब देने के लिए हम यहाँ नहीं बैठे है,सूत्रों से जानकारी मिली है ये विकास भवन मे संविदा कर्मी के रूप मे किसी पद पर तैनात है,पत्रकार होने की वजह डी डी ओ के ख़ास माने जाते है बीआरपी सत्यनारायण पाण्डेय जी,इसी वजह से इनको भी बीआरपी के पद पर आडिट करने के लिए रखा गया है,तीन बजे खसडे पहुंची तो वहाँ पंचायत भवन पर ताला लगा मिला पूंछने पर पता चला की हम लोग आये है मौके पर काम देखने वहाँ आडिट टीम मे ना मनरेगा मजदूर है ना महिला मेम्बर ही है आडिट के नाम पर एक भद्दा मज़ाक हो रहा है इस सरकार मे भ्रस्टाचार का बोल बाला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *