11 केवी एवं एलटी पोल पर अनधिकृत रूप से चढ़ने वालों के खिलाफ अब होगी एफआईआर
बिजली हमारे जीवन की मूलभूत जरूरत है, लेकिन यही बिजली एक छोटी-सी लापरवाही के कारण किसी परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत लाइनों पर अनधिकृत रूप से कार्य करने की बढ़ती घटनाओं को विद्युत विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है। कई स्थानों पर यह देखने में आता है कि गांव के निजी लाइनमैन अथवा अन्य अप्रशिक्षित व्यक्ति बिना किसी विभागीय अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था के 11 केवी अथवा एलटी विद्युत पोल पर चढ़कर कार्य करने लगते हैं।
यह सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि सीधे अपनी और दूसरों की जिंदगी को खतरे में डालना है। विद्युत लाइन पर काम करने वाले प्रशिक्षित कर्मचारी भी पूरी सुरक्षा प्रक्रिया, लिखित शटडाउन, अर्थिंग और सुरक्षा उपकरणों के बाद ही कार्य करते हैं। ऐसे में किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा बिना सुरक्षा व्यवस्था के विद्युत पोल पर चढ़ना बेहद खतरनाक है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जब ऐसी लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है तो अक्सर इसका पूरा ठीकरा जेई और विद्युत विभाग के कर्मचारियों पर फोड़ दिया जाता है, जबकि कई बार संबंधित व्यक्ति स्वयं या किसी निजी व्यक्ति के कहने पर अनधिकृत रूप से लाइन पर कार्य कर रहा होता है। दुर्घटना के बाद परिवार का दर्द अपनी जगह है, लेकिन उससे पहले यदि सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए तो ऐसी दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
अवर अभियंता सर्वेश कुमार दुबे ने कहा कि विद्युत विभाग किसी भी व्यक्ति की जान को जोखिम में नहीं देखना चाहता। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्युत लाइन पर कार्य कोई सामान्य काम नहीं है। 11 केवी लाइन को छूना तो दूर, उसके आसपास भी निर्धारित सुरक्षा दूरी और सावधानियों का पालन करना आवश्यक है। एक छोटी सी भूल किसी व्यक्ति को उसके परिवार से हमेशा के लिए दूर कर सकती है।
उन्होंने बताया कि विभागीय लाइन स्टाफ को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि लाइन पर कार्य करने से पहले लिखित शटडाउन, आवश्यक अर्थिंग तथा अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। कर्मचारियों के लिए सुरक्षा दस्ताने, हेलमेट एवं सुरक्षा जैकेट पहनना अनिवार्य है। सुरक्षा जैकेट और हेलमेट कर्मचारी की सुरक्षा के साथ-साथ दूर से उसकी पहचान सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण हैं।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी विभागीय कर्मचारी अपने साथ किसी अनधिकृत अथवा अप्रशिक्षित व्यक्ति को विद्युत लाइन पर चढ़ाकर कार्य नहीं कराएगा। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब विभाग ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि यदि किसी गांव में कोई निजी व्यक्ति, प्राइवेट लाइनमैन अथवा अन्य अनधिकृत व्यक्ति 11 केवी या एलटी विद्युत पोल/लाइन पर चढ़कर कार्य करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ऐसे व्यक्ति को कार्य के लिए बुलाने, सहयोग करने या प्रोत्साहित करने वालों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
विद्युत विभाग ने ग्रामीणों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि अपने घर की बिजली ठीक कराने के लिए किसी की जिंदगी दांव पर न लगाएं। बिजली की समस्या होने पर स्वयं पोल पर न चढ़ें और न ही किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति को चढ़ने दें। विभागीय विद्युत कर्मचारी से संपर्क करें और सुरक्षित तरीके से समस्या का समाधान कराएं।
क्योंकि बिजली की खराबी कुछ समय बाद ठीक हो सकती है, लेकिन एक इंसान की जिंदगी वापस नहीं आ सकती। किसी परिवार का बेटा, पति, पिता या भाई सिर्फ एक छोटी-सी लापरवाही के कारण हमेशा के लिए खो सकता है।
विद्युत विभाग का संदेश स्पष्ट है—
“बिजली के साथ लापरवाही नहीं, सुरक्षा के साथ समझौता नहीं।
पहले सुरक्षा, फिर कार्य।”
