*चौडेश्वर महादेव धाम से कांवड़ यात्रा का शुभारंभ, बोल बम के जयघोष से गूंजा क्षेत्र, बाबा करसूल धाम के लिए हुआ रवाना*
*विधायक रमेश मिश्रा के नेतृत्व में कांवड़ियों ने गोमती नदी से भरा जल भरा*
*दो नदियों सई गोमती के जल से होगा भगवान करसूल नाथ का जलाभिषेक*
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*संवाद:अजय पांडेय*
छंगापुर। सावन माह के पावन अवसर पर चौडेश्वर महादेव धाम से कांवड़ यात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ। क्षेत्रीय भाजपा विधायक रमेश मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने गोमती नदी से विधिवत जल भरकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ यात्रा शुरू की। इस दौरान पूरा क्षेत्र “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
कांवड़ यात्रा में पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपा शंकर सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पराज सिंह सहित भाजपा के तमाम पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल रहे। श्रद्धालु कांवड़ में पवित्र गोमती नदी का जल लेकर धार्मिक उत्साह और आस्था के साथ अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।
यात्रा के दौरान मार्ग में जगह-जगह स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों का जोरदार स्वागत किया। कहीं पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का अभिनंदन किया गया तो कहीं उनके लिए शीतल पेयजल, फल, भोजन एवं अन्य जलपान की व्यवस्था की गई। लोगों में कांवड़ियों की सेवा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।

सेवा शिविरों में मौजूद लोगों ने कांवड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं की सेवा के लिए लोग पूरी श्रद्धा के साथ खड़े नजर आए। स्वागत और सेवा के इस क्रम ने कांवड़ यात्रा को और भी भव्य बना दिया।
कांवड़ियों के जत्थे में भगवान शिव के जयकारों के साथ धार्मिक उत्साह चरम पर रहा। “बोल बम”, “हर-हर महादेव” और “जय भोलेनाथ” के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कांवड़िये पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ अपनी यात्रा पर आगे बढ़ते रहे।
श्रद्धालुओं का कहना था कि भगवान भोलेनाथ की भक्ति और आस्था के साथ निकली यह कांवड़ यात्रा क्षेत्र में आपसी भाईचारे, सेवा और धार्मिक सद्भाव का संदेश दे रही है। रास्ते में स्थानीय लोगों द्वारा की जा रही सेवा और स्वागत से कांवड़ियों में भी उत्साह देखने को मिला।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे लोगों ने कहा कि कांवड़ियों की सेवा भगवान शिव की सेवा के समान है। यही भावना लेकर जगह-जगह जलपान, भोजन और पेयजल की व्यवस्था की गई है, ताकि शिवभक्त बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
कुल मिलाकर चौरेश्वर महादेव धाम से शुरू हुई कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था, उत्साह, सेवा और सामाजिक सहभागिता का केंद्र बनी हुई है। कांवड़ियों का जत्था बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच अपने गंतव्य की ओर लगातार आगे बढ़ता रहा।
