*स्कूल से सात वर्षीय छात्र का अपहरण, आरोपित का शव पेड़ से लटका मिला*
*सीपीआर देकर बचाई गई मासूम की जान*
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*संवाद: माता चरण पांडे*
जौनपुर जिले के मुंगरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के धरमपुर गांव से शनिवार को सात वर्षीय छात्र ऋषि पटेल के अपहरण का मामला सामने आया। आरोप है कि गांव के ही 22 वर्षीय कमलेश पटेल पुत्र राम समुझ उसे स्कूल से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। देर शाम तक बच्चा घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने मुंगरा बादशाहपुर थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।
रविवार दोपहर मामले में नया मोड़ तब आया, जब प्रतापगढ़ जिले के फतनपुर थाना क्षेत्र स्थित नारायनपुर कला नहर के पास ऋषि गंभीर हालत में मिला। ग्रामीणों की सूचना पर ग्राम प्रधान रविंद्र यादव ने पुलिस को जानकारी दी। बच्चे पर पानी के छींटे डालकर उसे होश में लाया गया। होश में आने पर उसने बताया कि “कमलेश अंकल” उसे रास्ते में मिले थे और अपने साथ ले गए थे।
इसी दौरान आसपास तलाश करने पर नहर से करीब 300 मीटर दूर एक बाग में पेड़ से लटका युवक का शव मिला। सूचना पर पहुंची फतनपुर पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया। बाद में उसकी पहचान अपहरण के आरोपित कमलेश पटेल के रूप में हुई। मुंगरा बादशाहपुर पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी गई।
फतनपुर थानाध्यक्ष मनीष त्रिपाठी ने बताया कि बच्चे के अपहरण का मुकदमा जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर थाने में दर्ज है। मामले की जांच वहां की पुलिस कर रही है, जबकि शव प्रतापगढ़ क्षेत्र में मिलने के कारण स्थानीय पुलिस भी जांच में सहयोग कर रही है।
सीपीआर देकर बचाई गई बच्चे की जान
तेज धूप और गर्मी के कारण बच्चे की हालत बिगड़ गई थी। उसे तत्काल एंबुलेंस से गौरा अस्पताल ले जाया गया। सांस लेने में दिक्कत होने पर इमरजेंसी में तैनात डॉ. उपेंद्र सिंह और फार्मासिस्ट रविंद्र उपाध्याय ने बच्चे को सीपीआर देकर उसकी जान बचाई। इसके बाद उसका उपचार शुरू किया गया।
बेहतर इलाज के लिए जौनपुर रेफर
पुलिस की सूचना पर बच्चे के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। बाद में मुंगरा बादशाहपुर पुलिस की मौजूदगी में परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए जौनपुर ले गए।
25 किलोमीटर दूर पहुंचकर मौत, उठ रहे कई सवाल
कमलेश पटेल की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वह अपने गांव से करीब 25 किलोमीटर दूर प्रतापगढ़ पहुंचा और वहां पेड़ से गमछे के सहारे लटका मिला। पुलिस आत्महत्या और हत्या, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
परिजनों का कहना है कि कमलेश पहले भी एक-दो बार ऋषि को बहाने से स्कूल से बाहर ले गया था, हालांकि बाद में उसे वापस छोड़ देता था। शनिवार को भी वह स्कूल पहुंचा और शिक्षकों से कहा कि बच्चे की मां ने जरूरी काम से बुलाया है। परिचित होने के कारण शिक्षकों ने उसे रोक-टोक नहीं की।
फिलहाल दोनों जिलों की पुलिस मामले के हर पहलू की गहन जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
