नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की

*नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की*

 

*मछली गांव में कृष्ण जन्मोत्सव पर निकाली गई भव्य झांकी*

********************

*संवाद: अजय पाण्डेय*

जौनपुर। बदलापुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा मछली गांव में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस दौरान कथा श्रवण के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा कथा पंडाल “नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। व्यास पीठ से भगवान श्रीकृष्ण की मंगलमयी आरती गाई गई, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।

भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की झांकी प्रस्तुत होते ही श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भक्तों ने झांकी पर पुष्प वर्षा की तथा टॉफियां और खिलौने वितरित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कथा व्यास के भजनों एवं महिलाओं द्वारा गाए गए सोहर गीतों पर श्रद्धालु झूमते और नृत्य करते नजर आए।

मुख्य यजमान परम बड़भागी अखिलेश चंद्र शुक्ला के सौजन्य से आयोजित इस कथा में मथुरा से पधारे भागवताचार्य पंडित राजेश भारद्वाज महाराज श्रद्धालुओं को अमृतमयी कथा का रसपान करा रहे हैं।

कथा के चौथे दिन भागवताचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार के कारणों का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि भगवान का अवतार विप्र, धेनु, देवता एवं संतों के हित और धर्म की रक्षा के लिए होता है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लेते ही अपने माता-पिता को बंधनों से मुक्त कराया, प्रहरियों को गहरी निद्रा में सुला दिया और स्वयं सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। यह घटना भगवान और सामान्य मनुष्य के बीच के दिव्य अंतर को दर्शाती है।

 

पंडित राजेश भारद्वाज महाराज ने कहा कि भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन के लिए देवता, संत एवं पुण्यात्माएं विभिन्न रूप धारण कर वहां पहले से ही उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर जो भक्त श्रद्धा भाव से नृत्य करता है, उसे 84 लाख योनियों में भटकना नहीं पड़ता।

 

बालकृष्ण जन्मोत्सव की झांकी ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। जन्मोत्सव के उपरांत सभी भक्तों एवं श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।

 

इस अवसर पर पंडित सुरेश चंद्र शुक्ला, उमेश चंद्र शुक्ला, पेशकार शुक्ला, सुभाष शुक्ला, राकेश, सर्वेश, घनश्याम, सुशील, अंकुर एवं शिवम सहित अन्य लोगों ने आए हुए श्रद्धालुओं एवं महानुभावों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *