*मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना : पढ़ाई के साथ मिलेगा रोजगार का अनुभव*
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*अरुण कुमार जायसवाल (जिला ब्यूरो)*
लखनऊ। राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को पढ़ाई के साथ रोजगार का अनुभव दिलाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप योजना के तहत अब बीए, बीएससी और बीकॉम जैसे कोर्सों में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में अप्रेंटिसशिप का अवसर मिलेगा। इसके लिए उन्हें हर महीने ₹9,000 मानदेय भी प्रदान किया जाएगा।
*विश्वविद्यालयों-उद्योगों में होगा करार*
योजना का उद्देश्य है कि विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थी सिर्फ पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहकर व्यावहारिक अनुभव भी हासिल करें। इसके लिए कॉलेज और विश्वविद्यालय स्थानीय उद्योगों के साथ करार (MOU) करेंगे। छात्रों को उनके जिले या क्षेत्र के उद्योगों में ट्रेनिंग दिलाई जाएगी।
*मानदेय का बंटवारा*
योजना के तहत मिलने वाले ₹9,000 मानदेय को तीन हिस्सों में बांटा गया है। ₹4,500 केंद्र सरकार, ₹3,500 संबंधित उद्योग और ₹1,000 राज्य सरकार की ओर से दिया जाएगा। यदि किसी उद्योग को ₹3,500 देना मुश्किल होगा तो राज्य सरकार ₹1,000 की अतिरिक्त जिम्मेदारी उठाएगी, ताकि उद्योगों को प्रोत्साहन मिले और विद्यार्थियों को अवसर।
*100 करोड़ का बजट, रजिस्ट्रेशन जल्द*
राज्य सरकार ने योजना के सुचारू संचालन के लिए उच्च शिक्षा विभाग को ₹100 करोड़ रुपये का बजट दिया है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू की जाएगी और इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार अभियान भी चलाया जाएगा।
*गैर-तकनीकी छात्रों को मिलेगा मौका*
अब तक अप्रेंटिसशिप का मौका मुख्यतः तकनीकी छात्रों तक ही सीमित था, लेकिन इस योजना से गैर-तकनीकी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी भी लाभान्वित होंगे। बीए, बीकॉम और बीएससी के छात्र व्यावसायिक अनुभव प्राप्त कर रोजगार की दिशा में बेहतर तैयारी कर सकेंगे।
यह योजना न सिर्फ छात्रों को पढ़ाई के दौरान रोजगार का अनुभव देगी, बल्कि उद्योगों और शैक्षिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित करेगी।
