*अपना सपना पूरा कर अब दूसरों के सपनों को साकार करने में जुटे डॉ. आशीष तिवारी*
*गरीब, पीड़ित और असहाय परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बना सेवार्थम फाउंडेशन*
दधीच विश्वकर्मा
लंभुआ। अपने जीवन में देखे सपने को पूरा करने के बाद अब दूसरों के जीवन में खुशियां लाने का प्रयास कर रहे डॉ. आशीष तिवारी ने सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया है। सेवार्थम फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में वह गरीब, पीड़ित और असहाय परिवारों की मदद के लिए लगातार सक्रिय हैं। उनका प्रयास है कि आर्थिक तंगी या विपरीत परिस्थितियों से जूझ रहे परिवार खुद को अकेला महसूस न करें।
लंभुआ विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में फाउंडेशन की टीम जरूरतमंद परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझने और यथासंभव सहयोग करने का प्रयास कर रही है। किसी परिवार को भोजन की आवश्यकता हो, किसी को इलाज के लिए मदद चाहिए या अचानक आए संकट में तत्काल सहारे की जरूरत हो, टीम अपने स्तर से सहायता उपलब्ध कराने में जुटी है।
फाउंडेशन का प्रयास केवल एक बार की आर्थिक मदद तक सीमित रखने के बजाय जरूरतमंद परिवारों की परिस्थितियों को समझकर निरंतर सहयोग करने का है। इससे कई परिवारों में यह भरोसा पैदा हुआ है कि मुश्किल समय में उनके साथ खड़े होने वाला कोई है।
डॉ. तिवारी का कहना है कि सफलता का वास्तविक अर्थ तभी है, जब उसका लाभ समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचे। इसी सोच के साथ सेवार्थम फाउंडेशन की गतिविधियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। रोजाना अलग-अलग स्थानों पर जरूरतमंदों से संपर्क कर उनकी समस्याओं के समाधान में सहयोग किया जा रहा है। सेवा की यह पहल क्षेत्र में सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदना की मिसाल पेश कर रही है।
