विपक्ष की क्या मजबूरी है महिला आरक्षण से क्यों दूरी है : अंशु कुशवाहा

अब सहा नहीं जाएगा, अब चुप रहा नहीं जाएगा : अंशु कुशवाहा

विपक्ष की क्या मजबूरी है महिला आरक्षण से क्यों दूरी है : अंशु कुशवाहा

जौनपुर: महिला जन आक्रोश के तहत धरना प्रदर्शन में बोलते हुए जिला मंत्री अंशु कुशवाहा ने कहा कि नारी शक्ति ने हमेशा देश को दिशा दी है, लेकिन जब बात ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ जैसे हक़ की आती है,

तो देरी क्यों? संसद में हमारी भागीदारी हमारा अधिकार है, कोई खैरात नहीं आज की ये खामोश गूँज कल के बदलाव की आहट है जब तक अधिकार नहीं तब तक धरना के माध्यम से उनका विरोध करते रहेंगे घर चलाने वाली नारी अब देश की नीतियां भी तय करेगी नारी वंदन अधिनियम के पास होने में हो रही देरी सिर्फ एक कानून की देरी नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं के सपनों की देरी है सड़कों पर उतरी ये महिलाएं सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए है।

हुंकार भर चुकी है नारी, अब तुम्हारी बारी है।

हक हमारा दे दो हमको, वरना जंग जारी है।।

वंदन नहीं, अधिकार चाहिए संसद में बराबर का द्वार चाहिए : रागिनी सिंह

 

जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा भाजपा रागिनी सिंह ने कहा कि आज ‘महिला जन आक्रोश’ के माध्यम से हम विपक्षी सांसद उम्मीदवार बाबू सिंह कुशवाहा जी को यह स्पष्ट कर देना चाहती हैं कि यह ‘नया भारत’ है। यहाँ की महिलाएं जागरूक हैं आज हम सब यहाँ एक बड़ा सवाल पूछने आए हैं अभी हाल ही में विपक्षी सांसद बाबू सिंह कुशवाहा जी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का विरोध कर महिलाओं का ‘अभिनंदन’ करने का ढोंग रचा है यह बिल देश की उस सरकार की इच्छाशक्ति का परिणाम है आज हम यहाँ एक बहुत ही गंभीर विषय पर इस धरना-प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आवाज़ उठाने आए हैं दशकों से भारतीय राजनीति में हमारी माताओं-बहनों को उनका हक देने की बातें तो होती थीं, लेकिन नियत साफ नहीं थी। जब देश की वर्तमान सरकार ने ऐतिहासिक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास किया, जिससे महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में 33% आरक्षण मिलना तय हुआ, तो पूरे देश की महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ गई।

लेकिन बहनों, अफ़सोस की बात देखिए! जो विपक्ष खुद को जनता का हितैषी बताता है, उसी विपक्ष ने इस बिल की राह में रोड़े अटकाने का काम किया। जब संसद में माँ भारती की बेटियों को उनका अधिकार दिया जा रहा था, तब विपक्षी नेता इसका विरोध कर रहे थे, कमियाँ निकाल रहे थे और इसे रोकने की साजिश रचे।

 

नारी का अधिकार जो छीनेगा, वो सत्ता से हाथ धोएगा : राखी सिंह

 

जिला उपाध्यक्ष राखी सिंह ने कहा कि मैं पूछना चाहती हूँ उन विपक्षी दलों से क्या इस देश की बेटी नीति-निर्धारण में हिस्सा लेने के काबिल नहीं है? क्या आपको डर है कि अगर महिलाएँ सदन में पहुँच गईं, तो आपकी परिवारवाद की राजनीति खत्म हो जाएगी विपक्ष का यह विरोध केवल एक बिल का विरोध नहीं है, बल्कि यह देश की आधी आबादी के सपनों का विरोध है। यह उस हर उस महिला का अपमान है जो समाज में बराबरी का हक चाहती है। इन्होंने सालों तक इस बिल को फाइलों में दबाए रखा और आज जब यह हकीकत बना है, तो इनके पेट में दर्द हो रहा है।

 

सौ बात की एक बात, हम नारी शक्ति के साथ : अंजना सिंह

 

असिस्टेंट प्रोफेसर टी डी कालेज अंजना सिंह ने कहा कि बहनों, हमें भूलना नहीं चाहिए कि कौन हमारे साथ खड़ा था और कौन हमारे अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रहा है जो लोग आज सड़कों पर आकर झूठी हमदर्दी दिखाते हैं, संसद में उनका असली चेहरा बेनकाब हो चुका है आज इस धरने के माध्यम से हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि अब नारी जाग चुकी है। हम अपना हक लेना भी जानते हैं और अपने विरोधियों को जवाब देना भी जानते हैं। विपक्ष को अपनी इस महिला-विरोधी सोच के लिए देश की महिलाओं से माफी मांगनी होगी जब तक महिलाओं को उनका पूरा सम्मान और अधिकार नहीं मिल जाता, हमारा यह संघर्ष जारी रहेगा।

 

उक्त अवसर पर मैनिका सिंह शशि मौर्य विमला श्रीवास्तव किरन मिश्रा प्रीति गुप्ता सारिका सोनी वंदना सिंह मिलन श्रीवास्तव सहित सैकड़ों महिला उपस्थित रहीं।

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