*राम नाम से दसों दिशाओं में होता है मंगल — श्याम सुंदर भूषण जी महाराज*
*मेढा में गोमतेश्वर महादेव धाम पर नव दिवसीय रामकथा का शुभारंभ*
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*संवाद :शिवपूजन मिश्रा*
सिगरामऊ (जौनपुर)। मेढा क्षेत्र स्थित प्राचीन गोमतेश्वर महादेव मंदिर, जिसे मेधा ऋषि की तपस्थली के रूप में जाना जाता है, पर शनिवार 22 फरवरी से नव दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। पावन गोमती नदी के तट पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में क्षेत्रीय श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। कार्यक्रम पूज्य चिमटा महाराज के सानिध्य एवं स्थानीय जनों के सहयोग से संपन्न हो रहा है।
आयोजन समिति के अनुसार कथा 22 फरवरी से प्रारंभ होकर 2 मार्च तक प्रतिदिन आयोजित की जाएगी। समापन अवसर पर 2 मार्च को पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे का आयोजन रखा गया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
कथा के प्रथम दिवस पर श्रद्धेय श्याम सुंदर भूषण जी महाराज ने राम नाम की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि “राम का नाम लेते ही दसों दिशाओं में मंगल ही मंगल हो जाता है।” उन्होंने कहा कि राम नाम के स्मरण मात्र से गीद्ध, अजामिल और ध्रुव जैसे भक्तों का उद्धार हुआ। महर्षि वाल्मीकि ने उल्टा नाम जपकर भी भगवान को प्राप्त कर लिया।
महाराज ने नारद मोह प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा माता के समान करते हैं। जैसे माता अपने बच्चे के घाव को ठीक करने के लिए कठोर उपाय अपनाती है, वैसे ही भगवान भी अपने भक्तों के कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव समता के प्रतीक हैं, जिनके सान्निध्य में चूहा, सर्प, गरुड़ और नंदी बैल जैसे परस्पर विरोधी जीव भी साथ रहते हैं।
गोमती तट स्थित यह पावन स्थल प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण से ओतप्रोत है, जहां नौ दिनों तक भक्ति और श्रद्धा की गूंज सुनाई देगी।
