*धोपाप धाम में गंगा दशहरा की सभी तैयारियां पूरी, सुरक्षा और सेवा व्यवस्था चाक-चौबंद*
*सेवार्थम फाउंडेशन ने संभाली सेवा व्यवस्था की कमान*
सुलतानपुर। पावन गंगा दशहरा पर्व को लेकर प्रसिद्ध धोपाप धाम में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से मेले को व्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
शाम से ही श्रद्धालुओं की भीड़ घाटों पर पहुंचनी शुरू हो गई है और पूरे धाम क्षेत्र में भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है।मेले की व्यवस्था में सेवार्थम फाउंडेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संस्था की ओर से प्रदेश, मंडल और जिला पदाधिकारियों के नेतृत्व में लगभग 300 वॉलिंटियर्स की टीम को तैनात किया गया है, जो 24 घंटे शिफ्ट वाइज ड्यूटी कर श्रद्धालुओं की सेवा करेगी। संस्था द्वारा माताओं और बहनों के लिए घाटों पर कई स्थानों पर चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है, वहीं मेडिकल वॉलिंटियर्स भी तैनात किए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

इसके अलावा मेले में व्यवस्थित ढंग से खोया-पाया कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जिससे बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाने में सहायता मिल सके। संस्था के प्रमुख डॉ. आशीष तिवारी ने बताया कि सेवार्थम फाउंडेशन मानवता और सेवा भाव के साथ गंगा दशहरा में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य “सेवार्थम का हाथ, हर जरूरतमंद के साथ” के संकल्प को धरातल पर उतारना है।मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।
एसडीआरएफ की यूनिट, पुलिस बल और सुरक्षा जवानों को घाटों और मेला परिसर में तैनात किया गया है। वहीं सफाई कर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है ताकि पूरे क्षेत्र में स्वच्छता बनी रहे।मेला नियंत्रण कक्ष में प्रीति जैन, उपजिलाधिकारी लंभुआ, क्षेत्राधिकारी लंभुआ, खंड विकास अधिकारी लंभुआ समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारी बैठकर मेले की पल-पल की निगरानी कर रहे हैं। कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों से सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में सेवार्थम फाउंडेशन द्वारा धोपाप धाम मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम और निषादराज के गले मिलन की 11 फीट ऊंची दिव्य प्रतिमा की स्थापना भी कराई गई थी, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।
